जबलपुर

युवाओं को वहशी बना रहीं पोर्न साइट्स, स्टेट साइबर सेल ने बैन करने की शुरु की कार्रवाई

केंद्र सरकार को लिखा पत्र

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Apr 25, 2018
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जबलपुर। पोर्न साइट्स देखने की लत युवाओं को वहशी बना रहीं है। उनमें मानसिक विकृति बढ़ रही है। इससे लड़कियों और महिलाओं से छेडख़ानी और दुष्कर्म जैसी वारदातों में इजाफा हो रहा है। इसे लेकर पुलिस महकमा भी चिंतित है। साइबर सेल की ओर से युवाओं को गलत राहत दिखाने वाली कुछ पोर्न साइट्स चिन्हित की गइ है। जिन्हें बैन करने के लिए स्टेट साइबर सेल ने अपने स्तर पर कार्रवाइ शुरु कर दी है।

ये है बड़ी वजह
युुवाओं में बढ़ती मानसिक विकृति की प्रमुख वजह पोर्न साइट्स की सहज उपलब्धता को भी माना जा रहा है। इसके चलते राज्य के साइबर सेल की ओर से चिन्हित किए गए पोर्न साइट्स को बंद करने के लिए केंद्र सरकार को पत्र भेजा गया है। सायबर सेल का यह पत्र वारदातों के प्रति सरकार की बढ़ रही चिंता को जाहिर कर रहा है। यहां शहर में भी छेडख़ानी और दुष्कर्म की वारदातें अंधाधुंध तरीके से बढ़ी हैं और इनमें युवाओं की मानसिक विकृति से सामाजिक कुरूपता सामने आ रही है। लगातार बढ़ रही वारदातों पर पुलिस और साइबर सेल को निगाहें पैनी करने की हिदायत दी गई है।

पर्सनल डाटा भी होता है चोरी
एसटीएफ के निरीक्षक और स्टेट साइबर सेल के जबलपुर यूनिट के प्रभारी हरिओम दीक्षित का कहना है, यदि कोई पोर्न साइट पर जाता है, तो उस साइट्स में कई एेसे ऐप होते हैं, जिनसे साइट द्वारा मोबाइल का पर्सनल डाटा चोरी कर लिया जाता है और फिर कई बार विजिटर से रुपयों की ठगी करने के मामले भी सामने आए हैं।

सड़कों पर लड़कों के मोबाइल होंगे चैक
एएसपी राजेश तिवारी का कहना है, सड़कों पर आवारागर्दी करने वाले लड़कों के मोबाइल की औचक छानबीन की जाएगी। उनके मोबाइल पर पोर्न साइट खुलने या वीडियो होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में जेल और जुर्माना दोनों हो सकते हैं।

इन इलाकों में ज्यादा घटनाएं
सिविक सेंटर, होम साइंस कॉलेज रोड, भंवरताल उद्यान के आसपास, महाकौशल तिराहे से रादुविवि मार्ग, सदर।

जिले में स्थिति
14 लाख- कुल मोबाइल उपभोक्ता
10 प्रतिशत- मोबाइल में पोर्न साइट देखने वाले
14 से 25 वर्ष- इस उम्र वर्ग के अधिक
00- पुलिस द्वारा दो सालों में की गई कार्रवाई

ये हैं हेल्पलाइंस
100, 1090, 1091, 1515, 2676100

दो सालों के महिला संबंधी अपराध

छेड़खानी, धमकी : 333-350
अपहरण : 280-301
दुराचार : 152-158
आत्महत्या के लिए उकसाना : 19-21
(आंकड़े पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2016-2017 के है।)

छेड़खानी के मामले
जनवरी में 37
अप्रैल में 23
फरवरी में 38
मार्च में 36

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Published on:
25 Apr 2018 11:44 am
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