
Ragging : निजी स्कूलों में छात्रों के बीच रैगिंग पर कोई प्रतिबंध नहीं लग रहा है। स्कूल परिसर से लेकर स्कूलों के सामने जाने-अनजाने में ऐसे मामले आ रहे हैं, जिसमें छात्रों के साथ मारपीट की जा रही है। स्कूल परिसर से बाहर होने की वजह से स्कूल प्रबंधन इसमें कोई रूचि नहीं ले रहे हैं। हाल ही में एक मामला सदर के निजी स्कूल के सामने का है, जिसकी पत्रिका एक्सपोज पुष्टि नहीं करता है। इसमें जूनियर छात्र के साथ सीनियरों ने जमकर मारपीट ही नहीं की बल्कि उसके कपड़े भी तार-तार कर दिए। इसकी कोई शिकायत नहीं की गई है, जिससे पुलिस एक्शन लेती।
सदर के पास एक निजी स्कूल के सामने हाल ही में इंटरनेट पर एक ऐसा मामला वायरल हुआ है, जिसमें स्कूल के बच्चों के सामने एक जूनियर की पिटाई कुछ सीनियर कर रहे हैं। छात्र सीनियरों से हाथ जोड़ता हुए गिड़गिड़ा रहा है, लेकिन स्कूल के गेट के पास छात्रों का गुट उस पर हाथ-घूंसे बरसा रहा है। यही, नहीं उसके पेट पर लात भी मारी गई है। स्कूल ड्रेस पहने यह दल उस छात्र की गणवेश को तार-तार करने लगा। उधर, खुद को बचाते हुए छात्र सीनियरों को रोकता रहा लेकिन उसकी मदद करने के लिए कोई आगे नहीं आया। काफी देर तक चली इस मारपीट के बाद सड़क से गुजरते लोगों ने हस्तक्षेप किया है, जिससे यह मारपीट थम सकी। मारपीट करने वाले धीरे से खिसक लिए थे।
छात्र के कपड़े तार-तार किए जाने के बाद उसकी जागरूक लोगों ने मदद करते हुए पेंट-शर्ट दी थी। इसके बाद छात्र जैसे-तैसे वहां से जा सका था। मामले में प्रत्यक्षदर्शियों का कहना था कि मारपीट करने वाले अपशब्द कहते हुए उसे धमका रहे थे कि हम जैसा कहेंगे, वैसा ही करना होगा। पीड़ित छात्र मौके पर कुछ कह नहीं पा रहा था।
छात्रों की रैगिंग या वायरल होने की शिकायत नहीं आई है। शिकायत आने पर कार्रवाई की जाएगी।