राहुल गांधी का रोड शो - कांग्रेस विधायक ने वरिष्ठ नेता को दी जान से मरने की धमकी!
जबलपुर। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के आगमन के पहले ही प्रदेश कांग्रेस के 2 बड़े नेता आमने-सामने हो गए हैं। वहीं कांग्रेस की एकता और अखंडता का पाठ पढ़ाने वाले नेताओं के बीच का द्वंद युद्ध में बदल गया है। सीधे तौर पर वर्तमान विधायक ने मप्र कांग्रेस के पूर्व महामंत्री एवं पूर्व नगर अध्यक्ष को जान से मारने की धमकी दी है। अध्यक्ष ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसका खुलासा किया है। खुलासे के बाद प्रदेश स्तर पर कांग्रेसमें में हड़कंप मच गया है। वहीं प्रदेश अध्यक्ष ने भी इस पर संज्ञान लिया है। वरिष्ठों की मौजूदगी में हुए इस वाक्य के बाद प्रदेश कांग्रेश भी सकते में आ गई है। उल्लेखनीय है कि 6 अक्टूबर को राहुल गांधी का रोड शो जबलपुर में है जिसको लेकर तैयारियां चल रही हैं। सभी दावेदार और उनके समर्थक अपने अपने स्तर पर तैयारियां कर रहे हैं। वहीं वरिष्ठों ने उपेक्षा का आरोप भी लगाया है।
2 अक्टूबर को हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में पूर्व अध्यक्ष कांग्रेस कमेटी मध्य प्रदेश के पूर्व महामंत्री राममूर्ति मिश्रा द्वारा किसी सुझाव पर चर्चा की जा रही थी। इसी बीच विधायक तरुण भनोट ने आपत्ति दर्ज कराते हुए उन्हें गाली गलौज कर जान से मारने की धमकी दी है। यह आरोप राममूर्ति मिश्रा ने लगाया है।
पत्रकार वार्ता के दौरान बुधवार को पूर्व नगर अध्यक्ष कांग्रेस कमेटी राममूर्ति मिश्रा ने आरोप लगाया कि विधयक तरुण भनोट अपने पैसे के मद में चूर हैं।जान से मारने की उन्हें धमकी दे रहे हैं। उन्होंने बिंदु बार विधायक तरुण भनोट पर आरोप लगाते हुए कहा कि विधायक की धंधे का एक बहुत बड़ा जरिया है। उनका और अपराध कर उससे बचने का एक मजबूत आवरण धारण कर लिया है।
विधायक तरुण भनोट रेत माफिया भूमाफिया ग्रुप में मुख्य रूप से जाने जाने लगे हैं। जो कि कांग्रेस के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी के विधायकों के साथ उनका धंधा है। राममूर्ति मिश्रा ने पत्रकारों को बताया कि वे एक आपराधिक प्रवृत्ति के विधायक रहे हैं। विगत कई वर्ष पहले जिला मंडला में एक महिला की मौत के साथ उनका नाम भी जुड़ा था। हालांकि इस मामले का पटाक्षेप हो चुका है। तरुण भनोट कांग्रेस विधायक तो कहलाते हैं लेकिन उनमें कांग्रेस के आदर्श एवं सिद्धांत एक भी नहीं है।
उन्होंने बताया वे राहुल गांधी के शो को लेकर अपने विचार रखे थे। जिस पर आपत्ति दर्ज कराते हुए तरुण भनोट ने उनके साथ अभद्रता की और उन्हें जान से मारने की धमकी दी। इस दौरान पर्यवेक्षक अशोक सिंह भी मौजूद रहे। उनकी मौजूदगी में यह वाक्य घटा है। सूत्रों की माने तो 2 तारीख को सर्किट हाउस में हुई बैठक के दौरान अधिकतर दावेदार खासकर पश्चिम के दावेदार अपनी नेतागिरी चमकाने के लिए गुटबाजी करते नजर आए थे। अन्य दावेदारों ने भी इसी तरह की बात की जिसे लेकर पर्यवेक्षक भी असमंजस में रहे। कॉन्फ्रेंस में राममूर्ति मिश्रा के अन्य समर्थक भी मौजूद रहे
विधायक तरुण भनोट से जब इस बाबत चाचा की गई तो उन्होंने कहा में पहले भी उनका सम्मान करता था आज भी करता हूँ। दो अक्टूबर को उनकी राममूर्ति मिश्रा से कोई बात ही नहीं हुई। कहने को तो में भी किसी पर कोई भी आरोप लगा सकता हूँ। सारे आरोप निराधार हैं।