
जबलपुर। पश्चिम मध्य रेलवे के स्टेशनों की गतिविधि से लेकर व्यवस्थाओं पर अब मुख्यालय के अधिकारियों की सीधी नजर रहेगी। वे जबलपुर में बैठकर हबीबगंज से लेकर कोटा स्टेशन में ट्रेनों में चढऩे-उतरने वाले यात्रियों से लेकर प्लेटफॉर्म हाल देख सकेंगे। यात्रियों की सुरक्षा के लिए रेलवे की आधुनिक निगरानी प्रणाली वीडियो सर्विलेंस सिस्टम (वीएसएस) से पमरे के 15 स्टेशन सोमवार को जुड़ गए। स्टेशनों में लगे सीसीटीवी कैमरों के जरिए जोन मुख्यालय को इंटरनेट प्रोटोकॉल आधारित वीएसएस से अब स्टेशनों की गतिविधियां लाइव नजर आएगी। इससे महिला यात्रियों के साथ छेड़छाड़ और चोरी जैसी वारदातों पर अंकुश लगेगा।
पमरे के 15 स्टेशन वीडियो सर्विलेंस सिस्टम से जुड़ें, चोर-बदमाशों पर रहेगी सीधी नजर, सुरक्षित होगी यात्रा
अधिकारी जबलपुर से देख सकेंगे हबीबगंज व कोटा की व्यवस्था
महाप्रबंधक ने किया शुभारंभ
जोन कार्यालय में निर्भया निधि से स्थापित वीएसएस का सोमवार को पमरे महाप्रबंधक शैलेन्द्र कुमार सिंह ने शुभारंभ किया। नई प्रणाली का शुभारंभ करते हुए महाप्रबंधक ने कहा कि वीएसएस के माध्यम से यात्रियों विशेषकर महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण सुविधा प्रारंभ की गई है। इस तकनीक से जबलपुर स्टेशन के सुरक्षा नियंत्रण कक्ष में सभी स्टेशनों के कैमरा को एकीकृत किया गया है। यह नया सीसीटीवी सर्विलेंस यात्रियों को सक्रिय सुरक्षा देने में सहायक होगा।
ये सब आए निगरानी के दायरे में...
- प्रतीक्षालय
- आरक्षण काउंटर
- पार्किंग क्षेत्र
- प्रवेश/निकास द्वार
- प्लेटफार्म
- पैदल ऊपरी पुल
- बुकिंग ऑफिस
- सर्कुलेटिंग एरिया
जोन मुख्यालय में लाइव स्टेशन
जबलपुर, पिपरिया, कटनी, मैहर, सतना, रीवा, दमोह, सागर, होशंगाबाद, हबीबगंज, विदिशा, बीना, कोटा, सवाई माधोपुर, भरतपुर।
983 स्टेशन में लगना है वीएसएस
केन्द्र सरकार ने रेलवे बोर्ड को निर्भया निधि के अंतर्गत 983 स्टेशनों पर वीडियो सर्विलेंस सिस्टम लगाने की स्वीकृति दी है। रेलटेल मुख्य प्रबंधक निर्देशक पुनीत चावला के अनुसार 30 नवम्बर 2020 तक देश के 239 स्टेशनों पर कार्य पूर्ण कर लिया गया है। 5 क्षेत्रीय रेलों में इसी प्रकार के केन्द्रीकृत मानीटरिंग केन्द्रों को स्थापित किया जा चुका है। अन्य सभी स्टेशनों पर कार्य निर्धारित गति से चल रहा है।