जबलपुर में राष्ट्रपति ऑल इंडिया ज्यूडिशियल एकेडमीज डायरेक्टर्स रिट्रीट का उद्घाटनसीजेआई, सीजेएमपीएचसी, राज्यपाल, मुख्यमंत्री समेत अन्य बड़े अधिकारी नेता मौजूद
जबलपुर। मुख्यमंत्री ने कहा आम आदमी का आज भी भारत की न्यायपालिका पर विश्वास है। नीरव मोदी केस का उदाहरण देते हुए कहा कि लंदन की कोर्ट ने भी भारत की न्यायपालिका पर विश्वास की बात कही। आज हमारे सामने कई तरह के मामले आने लगे हैं, पहले सिविल और क्रिमिनल केस आते थे। जल्दी और सस्ता न्याय कैसे मिले, इस दिशा में सही परिणाम देने के लिए हमें मिलकर लक्ष्य तय करना होगा, जिसका निष्कर्ष आमजन के लिए होगा।
सीजेआई अरविंद बोवड़े ने भारत के न्यायालयों की संस्कृति पर आधारित पुस्तक का विमोचन किया गया, जिसकी पहली प्रति राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को सौंपी गई। इसके अलावा न्यायमूर्ति एनवी रमना द्वारा मप्र का न्यायिक इतिहास और न्यायालय का तथा सुको जज मप्र उच्च न्यायालय के निणर्यों की डाइजेस्ट का विमोचन किया गया। इनकी पहली प्रति भी राष्ट्रपति को सौंपी गई।
आनंदी बेन पटेल ने कहा कोरोना जैसी महामारी में न्यायपालिका ने अहम भूमिका अदा की है। जेल में बंदियों को बचाने की पहल सराहनीय है। एक साथ इतने प्रबुद्ध व्यक्ति मंथन करें ये सराहनीय पहल है। न्यायिक अकादमियों के द्वारा कौशल प्रशिक्षण में बहुत अच्छे काम कर रही हैं। मप्र उच्च न्यायालय की पुस्तकें न्याय प्रक्रिया को जन जन तक पहुंचे में मील का पत्थर होंगी। प्रत्येक भारतीय को न्यायपालिका पर गर्व है। लोकतंत्र में सरकार जिम्मेदार होती है, न्याय पालिका सरकार की रीढ़ होती जो लोगों के अधिकारों को बनाए रखने का काम करती है। न्याय उपलब्ध कराना जनसेवा का सबसे सशक्त माध्यम है। अधिकतर मुकदमों में एक पक्ष सरकार होती है। न्याय प्रशिक्षण में तकनीकि प्रशिक्षणों पर विशेष ध्यान देना चाहिए।