government medical hospital : नवजात शिशुओं के जटिलतम ऑपरेशन से लेकर ब्रेन के सूक्ष्म हिस्सों की सर्जरी के लिए जबलपुर के सर्जन को भी रोबोट चाहिए।
government medical hospital : नवजात शिशुओं के जटिलतम ऑपरेशन से लेकर ब्रेन के सूक्ष्म हिस्सों की सर्जरी के लिए जबलपुर के सर्जन को भी रोबोट चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसार छोटे चीरे से लेकर बड़े ऑपरेशन, सर्जन की सटीकता, सुरक्षा, संक्रमण का खतरा कम होने और जल्दी रिकवरी जैसे कारणों के साथ ही 360 डिग्री सर्जरी के लिए रोबोट समय की मांग है। प्रदेश में इंदौर के निजी अस्पताल में रोबोट से सर्जरी शुरू हो चुकी है। वहीं भोपाल एम्स में भी रोबोट लाने की तैयारी है। दरअसल रोबोट में लगे हाईटेक कैमरे सर्जन के लिए दृश्यता आसान कर देते हैं। मेडिकल अस्पताल प्रशासन रोबोट उपलब्ध कराने की मांग भी करता रहा है।
दूरबीन के सहारे मेडिकल अस्पताल के पीडियाट्रिक विभाग में बच्चों की श्वास नली, किडनी, पेट, आंत, पेशाब के रास्ते में पर्दे की जटिलतम सर्जरी की जा रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि रोबोट उपलब्ध होने पर वे और ज्यादा दक्षता के साथ कम समय में ज्यादा बच्चों का ऑपरेशन कर सकेंगे। इसी तरह से यूरो सर्जरी के मामले में लकवा लगने से लेकर मिर्गी के दौरे आने, पर्किनसन रोग, दिमाग में पानी भर जाने, गर्दन टूट जाने, हेड इंजुरी के मामलों में मरीजों की दूरबीन पद्धति से जटिलतम सर्जरी की जा रही है।
government medical hospital : इंदौर में निजी अस्पतालों में उपलब्ध है सुविधा, भोपाल में शासकीय अस्पताल में भी तैयारी, पिछड़ रहा शहर
● सर्जन की सटीकता और सुरक्षा बढ़ जाती है
● छोटे चीरे लगने से कम रक्तस्राव और दर्द
● रोगी की तेजी से रिकवरी
● रोगी को कम समय अस्पताल में रहना पड़ता है
government medical hospital : न्यूरो सर्जरी, यूरोलॉजी, पेट के कैंसर, बच्चादानी की जटिलतम सर्जरी में रोबोट बहुत उपयोगी है। रोबोट नई तकनीक से जटिलतम सर्जरी की सुविधा देता है। अगर ये सुविधा मिले तो गंभीर बीमारियों कई जटिलतम केस में मरीजों का जीवन बचाना संभव होगा। मेडिकल कॉलेज में युवा चिकित्सकों के बेहतर प्रशिक्षण के लिए भी आवश्यक है। कई महानगरों के मेडिकल कॉलेज में 5-6 साल पहले से रोबोटिक सर्जरी की सुविधा उपलब्ध है।