यातायात व्यवस्था को लेकर संचालकों की बैठक
जबलपुर . शहर में ई-रिक्शा की बढ़ती संख्या को देखते हुए उनके रूट तय किए जाएंगे। ताकि, यातायात व्यवस्था पटरी से नहीं उतरे। ड्राइवर के लिए वर्दी तय की गई है। उनका ऐप भी तैयार किया जाएगा। यह निर्णय सोमवार को कलेक्टर दीपक सक्सेना की अध्यक्षता में ई-रिक्शा और ऑटो के संचालन के नियमन को लेकर कलेक्टर सभाकक्ष में हई बैठक में लिया गया। बैठक में ई-रिक्शा और ऑटो की बढ़ती सेख्या और इससे प्रभावित यातायात व्यवस्था के विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इसमें कहा गया कि शहर की यातायात व्यवस्था सुव्यवस्थित हो। कलेक्टर ने कहा कि अनुशासन में रहकर ई-रिक्शा व ऑटो का संचालन करें। लोगों से अच्छा व्यवहार करें। उन्होंने सम्बंधित अधिकारियों से कहा कि इसके लिए रूट तय करें। साथ ही ऐसा ई-रिक्शा ऐप विकसित करें, जिससे ई-रिक्शा व ऑटो की बुकिंग हो जाए। इससे किराए की दर में भी फिक्सेशन हो सके। उन्होंने कहा कि ई-रिक्शा व ऑटो संचालक अपना ग्रुप बनाएं और बेहतर यातायात व्यवस्था की दिशा में कार्य करें। इसमें ई-रिक्शा व ऑटो संघ के पदाधिकारी भी सक्रिय भूमिका निभाएं।
थाना क्षेत्रों में कराएं वेरीफिकेशन
एसपी आदित्य प्रताप सिंह ने कहा कि ई-रिक्शा और ऑटो संचालक अपने-अपने थाना क्षेत्र में अपना वेरीफिकेशन कराएं। जिससे पुलिस थाना से उनकी कलर कोडिंग के साथ नम्बर जारी हो जाएंगे। इसके साथ ही कहा गया कि ई-रिक्शा वालों के लिये डार्क ब्लू तथा ऑटो चालकों के लिए खाकी वर्दी पहनना अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा कि गाड़ी साइड में लगाना शुरू करें। बीच सड़क में ऑटो नहीं रोकें।
मिलेगा पुरस्कार
उन्होंने कहा कि सुरक्षा की दृष्टि से स्कूली छोटे बच्चों को ई-रिक्शा में लाने ले जाने का कार्य नहीं करें। घायल या दुर्घटनाग्रस्त व्यक्तियों को कोई ऑटो-रिक्शा चालक तत्काल अस्पताल पहुंचाता है, तो उसे पुरस्कृत किया जाएगा। बैठक में एसपी ट्रैफिक, आरटीओ और ई-रिक्शा और ऑटो संघ के प्रतिनिधि शामिल थे।