जबलपुर

RTO rules 2020: जबलपुर में कारों का प्रदूषण जांचेगी ये हाईटेक मशीन, धुआं फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निर्देश पर आरटीओ ने भेजा प्रस्ताव

2 min read
Aug 22, 2020
pollution increase

जबलपुर। शहर में वायु प्रदूषण पर नियंत्रण करने के लिए मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अब आरटीओ कार्यालय में सेटअप तैयार करेगा। विजय नगर स्थित मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कार्यालय से शुक्रवार को आरटीओ को पत्र जारी किया गया। आरटीओ ने पत्र के जवाब के साथ प्रस्ताव भी भेजा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जबलपुर को नॉन अटेनमेंट सिटी की श्रेणी में रखा है। किसी भी शहर में वायु प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण वाहन होते हैं। इसलिए सबसे पहले वाहनों को टारगेट किया गया है। आरटीओ में हाईटेक पीयूसी यूनिट स्थापित की जाएगी।

कनेक्टट होंगे सभी पीयूसी सेंटर
शहर में वाहनों की जांच पीयूसी सेंटर में की जा रही है। चारपहिया वाहनों में ये सेंटर बनाए गए हैं। कई बार प्रदूषण होने के बाद भी वाहनों को पीयूसी सर्टिफिकेट देने के मामले सामने आए हैं। इसे रोकने के लिए सभी पीयूसी सेंटर को कनेक्ट किया जाएगा। इससे प्रत्येक वाहन की जानकारी आरटीओ कार्यालय के पास होगाी।

आमजन को करेंगे जागरूक- आरटीओ ने वायु प्रदूषण कम करने के लिए मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को जो प्रस्ताव भेजा है, उसमें डीजल और पेट्रोल वाहनों की जांच के लिए सीओ/ एचसी एनालाइजर जिनकी कीमत तीन-तीन लाख रुपए है, की खरीदी सहित सॉफ्टवेयर का निर्माण शामिल है। आमजन को जागरूक करने की बात भी कही गई है।

यह है नॉन अटेनमेंट सिटी
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से उन शहरों को नॉन अटेनमेंट सिटी की श्रेणी में रखा जाता है, जहां वायु प्रदूषण मानक से अधिक होता है, या शहर की जनसंख्या दस लाख से अधिक होती है। क्योंकि, दस लाख से अधिक जनसंख्या वाले शहर में भविष्य में वायु प्रदूषण बढऩे की सम्भावना होती है।

ये होंगी व्यवस्थाएं
- डीजल वाहनों के लिए स्मोक मशीन
- पेट्रोल वाहनों की जांच के लिए सीओ/एचसी एनालाइजर
- पीयूसी कनेक्टिंग सॉफ्टवेयर

जबलपुर को नॉन अटेनमेंट सिटी चिह्नित किया गया है। आरटीओ से वायु प्रदूषण रोकने के लिए जानकारी और सेटअप पर होने वाले व्यय की जानकारी बुलाई गई है।
- डॉ. पुष्पेंद्र सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी, मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, जबलपुर

वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए आरटीओ परिसर में वाहनों के प्रदूषण की जांच की जाएगी। सभी पीयूसी को कनेेक्ट किया जाएगा, जिससे सारा डाटा एक साथ मिल सके। मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जो प्रस्ताव मांगा था, उसका जवाब भेज दिया है।
- संतोष पॉल, आरटीओ

Published on:
22 Aug 2020 12:07 pm
Also Read
View All