जबलपुर

स्कूल निकली शिक्षिका की नहर में मिली उतराती लाश, ढाई वर्ष का बेटा लापता

-सुबह 9.30 बजे स्कूटी से बेटे को लेकर निकली थी शिक्षिका, मोबाइल घर में मिला

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School teacher's dead body found in canal

जबलपुर। मझगवां कस्बे से चा´र किमी दूर बरगी के दायी तट वाली नहर में शनिवार दोपहर 32 वर्षीय शिक्षिका की उतराती हुई लाश मिलने से सनसनी फैल गई। शिक्षिका के शव की पहचान सोशल मीडिया में वायरल हुए फोटो व वीडियो से हुई। शिक्षिका नेगई स्थित शासकीय प्राथमिक शाला में पढ़ाती थी। पति सेना में है। सुबह 9.30 बजे वह ढाई वर्ष के बेटे को साथ लेकर सास-ससुर से स्कूल जाने को बोलकर निकली थी। बेटे के साथ स्कूटी का भी पता नहीं चला। उसका मोबाइल घर में मिला। मझगवां पुलिस ने प्रकरण दर्ज करते हुए मामला जांच में लिया है।
टीआई अन्नीलाल सैय्याम ने बताया कि दोपहर 1.43 बजे के लगभग सिंघुली गांव स्थित बरगी दायीं तट नहर में ग्रामीणों ने शिक्षिका की लाश देख खबर दी। मौके पर पहुंचे मझगवां वार्ड नम्बर एक निवासी सोनेलाल पटेल और उनकी पत्नी सगुन बाई ने शव की पहचान बहू ज्योति उर्फ ज्योत्सना काछी (32) के रूप में की। पुलिस को सोनेलाल ने बताया कि बहू ज्योति नेगई में शिक्षिका थी। वह सुबह 9.30 बजे स्कूटी एमपी 20 एसएफ 5046 से चार वर्षीय बेटे पार्थ काछी के साथ स्कूल जाने का बोलकर निकली थी। पुलिस ने बेटे और स्कूटी को लेकर आसपास तलाश की, लेकिन पता नहीं चला। उसका मोबाइल घर पर ही मिला।

IMAGE CREDIT: patrika

पति है सेना में, 2013 में हुई थी शादी-
ज्योति का मायका सिलौंडी के पास अतरसूमा में है। 2013 में उसकी शादी धर्मेंद्र कुमार काछी के साथ हुई थी। धर्मेंद्र सेना में है। मामले की खबर उसे भी दी जा चुकी है। मौके पर पहुंचे ज्योति के पिता ने सास-ससुर के खिलाफ प्रताडि़त करने का आरोप लगाया है। हालांकि पुलिस इस मामले में हर एंगल पर जांच कर रही है।
शरीर में नहीं कोई चोट, स्कूटी और बेटे ने मामला उलझाया-
ज्योति के शरीर पर कोई चोट के निशान नहीं मिले हैं। उसकी लाश साड़ी व एप्रान में मिली है। यहां तक कि उसे पैर की सैंडिल तक सही-सलामत थी। जहां ज्योति की लाश मिली, वहां से 600 मीटर की दूरी पर वो पुलिया है, जहां से होकर वह स्कूल जाती है। मझगवां से नेगई स्थित स्कूल (कटनी) की दूरी लगभग 12 किमी है। चार वर्षीय बेटे पार्थ और स्कूटी न मिलने के चलते मामला उलझ गया है। पुलिस नहर में भी मासूम का रेस्क्यू करने में जुटी थी, जो अंधेरा होने तक चला।

Published on:
04 Oct 2020 07:10 am
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