इस मेले का उद्देश्य छात्रों में वैज्ञानिक सोच और नवाचार को बढ़ावा देना है।
science exhibition : राज्य विज्ञान शिक्षण संस्थान में आयोजित दो दिवसीय जोन स्तरीय विज्ञान मेले का आयोजन डाइट में किया गया। मेले में संभाग से आए बच्चों ने अपनी वैज्ञानिक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस मेले का उद्देश्य छात्रों में वैज्ञानिक सोच और नवाचार को बढ़ावा देना है।
बच्चों ने विभिन्न क्षेत्रों जैसे विज्ञान, पर्यावरण, भारतीय संस्कृति, कला और इतिहास से संबंधित मॉडल तैयार किए, जो उनकी सृजनात्मकता और समस्या सुलझाने की क्षमता को दर्शा रहे थे। वूमेन सेफ्टी अंब्रेला से लेकर मैग्नेटिक वैक्यूम क्लीनर आदि मॉडल आर्कषण का केंद्र थे।
शासकीय उमावि उमरिया स्कूल की छात्रा प्रियांशी काकोडिया ने ’’मैथमेटिक्स पार्क’’ का निर्माण किया। इस पार्क का उद्देश्य गणित को छात्रों के लिए रोचक और समझने योग्य बनाना था। पार्क में अक्षांश, देशांतर, कोण ज्यामिति, त्रिभुज, पाइथागोरस प्रमेय जैसे गणितीय सिद्धांतों को दिलचस्प तरीके से दर्शाया गया। कछपुरा माध्यमिक स्कूल से छात्र सागर प्रजापति ने पुरातन इतिहास को मॉडल के माध्यम प्रस्तुत किया।
शा. माध्यमिक विद्यालय जोबीकला की छात्रा प्रिया पटेल ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए डिज़ाइन किया गया ’’वूमेन सेफ्टी अंब्रेला’’ प्रस्तुत किया। इसमें एक सेंसर कॉइल और बैटरी की मदद से करंट पैदा किया जाता है, जिससे किसी हमलावर से सुरक्षा मिलती है। इसे सोलर चिप से चार्ज किया जा सकता है। इसके अलावा किसानों के लिए ’’फार्मर सेटी अंब्रेला’’ भी बनाया, जो किसानों को दवा छिडक़ाव और बारिश के दौरान सुरक्षा प्रदान करता है।
विज्ञान मेले में बच्चों और शिक्षकों के लिए गुरुवार दोपहर परोसे गए भोजन में खाने के दौरान इल्ली मिलने से हडकप मच गया। बाहर से आए शिक्षकों ने विरोध जताया और खानपान व्यवस्था पर नाराजगी दर्ज कराई। छिंदवाडा, उमरिया और कटनी जिले से आए कई बच्चों ओर शिक्षकों ने सब्जी में इल्ली देखकर खाना भी नहीं खाया। इसकी शिकायत केटरिंग कर्मचारी से की गई, तो उसने अनुसना कर दिया। बताया जाता है डाइट प्रबंधन की ओर से तीन सौ लोगों के खाने की व्यवस्था की गई थी। खाने में चावल, दाल, पुडी और आलू मटर की सब्जी दी गई थी। शिक्षकों ने कहा कि खाना तैयार करने से लेकर परोसे जाने तक निगरानी की जानी चाहिए। लेकिन, ऐसा नहीं किया गया। इससे कई बच्चों ने खाना ही नहीं खाया।
पीएम श्री स्कूल बोहनाखैरी की छात्रा सोनम चन्द्रवंशी ने ’’मैग्नेटिक वैक्यूम क्लीनर’’ का मॉडल तैयार किया। यह विशेष वैक्यूम क्लीनर घरों और कार्यस्थलों से निकलने वाले कचरे में से लोहे के कणों को अलग करने का था। इसमें मोटर के माध्यम वैक्यूम क्लीनर को संचालित किया जाता है साथ ही इसमें टैंक लगाया गया है, जिसमें कचरे में से लोहे के कणों को एकत्रित किया जाता है। इसी तरह शासकीय माध्यमिक शाला मटका संकुल कोहानी देवरी की छात्रा दीपिका मार्को द्वारा हस्त एवं शिल्पकला से जुडी वस्तुओं का प्रदर्शन किया गया।
प्रदर्शनी का शुभारंभ डाइट प्राचार्य सुधीर उपाध्याय, नोडल अधिकारी डॉ. गजेश खरे, डीपीसी योगेश शर्मा ने किया। इस दौरान अजय दुबे, योगेश द्विवेदी, अंजू त्रिपाठी, कल्पना द्विवेदी, भावना दुबे, स्वाति बरखेडकर, तरुणा शर्मा, रजनी बहरे, अजय रजक, रत्नेश मिश्रा, प्रवीण सोनी, जितेंद्र द्विवेदी आदि उपस्थित थे।