
जबलपुर। पाटन के रिश्वत लेने के आरोपी एसडीओपी एसएन पाठक को बचाने के लिए भेजा गया शपथ-पत्र लोकायुक्त की जांच में फर्जी निकला। इसके बाद लोकायुक्त ने सोमवार को ओमती पुलिस को पत्र लिखा। पत्र के आधार पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी व फर्जी दस्तावेज बनाने का प्रकरण दर्ज किया।
लोकायुक्त ने ओमती थाने में दर्ज कराया केस
रिश्वत के आरोपी पाठक मामले में भेजा शपथ पत्र फर्जी निकला
यह है मामला : 24 अगस्त 2019 को पाटन एसडीओपी रहे एसएन पाठक और रेत कारोबारी अमित अग्रवाल का वीडियो वायरल हुआ था। इसमें पाठक वर्दी में अमित से 500-500 रुपए के नोटों की गड्डियां गिनते हुए नजर आ रहे थे। विभागीय जांच के बाद पाठक को निलम्बित कर पीएचक्यू अटैच किया गया था। इसके बाद पाठक की लगभग एक करोड़ की सम्पत्ति का पता चला है। कुछ समय पूर्व लोकायुक्त के पास चार पन्ने का एक शपथ-पत्र पहुंचा।
यह अमित अग्रवाल के नाम से था। इसमें लिखा था कि पैसों का लेन-देन किसी और कारण से हुआ था। पत्र लिखने वाले ने इसके जरिए पाठक पर लगे आरोपों को निराधार बताया। पत्र मिलने के बाद लोकायुक्त की टीम ने अमित को बुलाकर शपथ-पत्र के बारे में पूछताछ की। उसने कोई भी शपथ-पत्र भेजने से इनकार किया। एसआई सतीश झारिया के अनुसार लोकायुक्त संगठन की ओर से भेजे गए पत्र के आधार पर अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी व फर्जी दस्तावेज बनाने का प्रकरण दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है।