शहर में लगातार बढ़ रहे हैं अस्थमा के मरीज
जबलपुर। शहर की हवाएं दमघोंटू हो रही है। जिस तरह शहर की बिल्डिंगों और सड़कों में तेजी से परिवर्तन हो रहा है, उसी तरह लोगों के लिए एयर पॉल्यूशन से भरी समस्याएं भी बढ़ चुकी हैं। इससे सबसे ज्यादा अस्थमा के मरीज बढ़ रहे हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में इस बीमारी को अब आम रूप में देखा जा रहा है। इसका प्रमुख कारण जहां लगातार पॉल्यूशन का बढऩा है, वहीं लोगों की लाइफ स्टाइल में होने वाला परिवर्तन है।
आलम यह हो रहा है कि अब शहर के पॉल्यूशन में सांस लेना भी दूभर है क्योंकि जगह-जगह चलने वाले कंस्ट्रक्शन के कामों और वाहनों से निकलने वाले धुएं से लगातार अस्थमा के मरीज बढ़ रहे हैं। इस वल्र्ड अस्थमा डे के मौके पर आइए जानते हैं बीमारी से जुड़े कुछ तथ्यों के बारे में...
ये है स्थिति
20-25 मरीज बढ़ रहे हैं रोजाना
55 % मरीज नहीं हैं अवेयर
40 % मरीज स्मोकिंग के कारण
30 % बच्चों में देखी जा रही समस्या
60 % को उम्र बढऩे पर अस्थमा
शहर में बढ़ रहे पैशेंट्स
अस्थमा रोग विशेषज्ञ डॉ. जितेन्द्र भार्गव के अनुसार शहर के लगातर अस्थमा के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। इसके चलते अस्थमा दो तरह से अधिक प्रभावित करता है। पहले मरीज एेसे होते हैं जो कि सांस की समस्या और एलर्जी के कारण बनते हैं। वहीं दूसरे पैशेंट्स एेसे होते हैं, जो कि मौसम के होने वाले बदलावों के कारण अधिक समस्या को झेलते हैं। इसके चलते गर्मी दिनों धूल और मिट्टी के कण परेशानी देते हैं तो बारिश में नमी के कारण अस्थमा का अटैक बढ़ जाता है। शहर में जेनेटिक प्रॉब्लम के कारण भी अस्थमा के मरीज काफी मात्रा में बढ़ रहे हैं।
पांच धुएं जो अस्थमा के जिम्मेदार
1. लेड- वाहनों से निकलने वाले धुएं से फैलता है, जो शहर में सबसे ज्यादा है।
2. ओजोन- पृथ्वी पर आने वाली सीधी किरणों के रूप में हवा भी साथ आती है।
3. कार्बन मोनो ऑक्साइड- बड़े वाहनों से निकलने वाला धुआं जो सीधा फेफड़ों पर असर डालता है।
4. सल्फर डाई ऑक्साइड- वाहनों के साथ कारखानों में काले धुएं के रूप में हवा को प्रदूषित करता है।
5. नाइट्रोजन ऑक्साइड- गाड़ी चालू रहने के कारण वाहनों से नाइट्रोजन की मात्रा सबसे ज्यादा निकलती है।
इन बातों का रखें ध्यान
इन्हेलर को हमेशा साथ में रखें
अटैक आने वाली कारणों से दूर रहे
फेस मास्क का इस्तेमाल करना बेहतर
स्वीमिंग-आउटडोर गेम्स को अवाइड करें
अधिक मसालों वाले खाने से दूरी बनाएं।
मौसम में बदलाव के कारण सावधानी बरतें
इसलिए बढ़ रही समस्या
वायु प्रदूषण
पालतू जानवर से नजदीकी
तेज स्प्रे और परफ्यूम
हार्मोनल चेजेंस
टेंशन और जेनेटिक रीजन
खास पदार्थों से एलर्जी
शहर के वह क्षेत्र जहां अधिक पॉल्यूशन
दमोहनाका
बल्देवबाग
आधारताल
तीन पत्ती
रानीताल
कमानिया