जबलपुर

Jabalpur में लगेगा बायो सीएनजी का दूसरा प्लांट, निगम को मिले हैं 135 करोड़

Jabalpur में लगेगा बायो सीएनजी का दूसरा प्लांट, निगम को मिले हैं 135 करोड़

2 min read
Jul 18, 2024
bio CNG plant

जबलपुर . जबलपुर की पहचान डेयरियों के शहर के रूप में है। परियट, गौर क्षेत्र व ग्रामीण इलाकों में बड़ी संया में डेयरी संचालित हो रही है, अब डेयरियों से निकला अपशिष्ट गोबर बायो सीएनजी का स्रोत बन रहा है। नगर में इमलिया के समीप स्मार्ट सिटी व सांची ने मिलकर पहला बायो सीएनजी प्लांट से उत्पादन व सप्लाई शुरू कर दी है। अब सिटीज 2.0 के तहत नगर निगम जल्द ही एक ओर सीएनजी प्लांट बनाएगा।

135 करोड़ मिले हैं निगम को सिटीज 2.0 के तहत
डेयरियों से निकले गोबर का उपयोग

डेयरियों से निकले गोबर का उपयोग कर बड़े स्तर पर बायो सीएनजी गैस का उत्पादन संभव होगा। इसके उपयोग से परियट, गौर जैसी नदियों में डेयरियों का गोबर सीधे मिलने से रोका जा सकता है। नदियों को नया जीवन दिया जा सकता है। वायु प्रदूषण के स्तर में भी कमी लाई जा सकती है। नया बायो सीएनजी प्लांट लगाने नगर निगम ने बजट में भी प्रावधान किया है।

किसानों को मिलेगी उपजाऊ खाद
बायो सीएनजी गैस प्लांट से ईंधन के साथ ही उपजाऊ खाद भी मिलेगी। इसका उपयोग खेती में होगा साथ ही वायु गुणवत्ता सुधरेगी। बायो सीएनजी गैस भविष्य में डीजल के उपयोग को भी प्रतिस्थापित करेगा।


बायो सीएनजी उत्पादन को लेकर बड़ी संभावना

जबलपुर में नगरीय सीमा में जहां बड़ी संया में डेयरी संचालित हैं वहीं ग्रामीण इलाकों में भी वृहद स्तर पर पशु पालन हो रहा है। गोबर का संग्रहण कर बायो सीएनजी गैस का उत्पादन करने की संभावनाओं पर अन्य एजेंसी भी काम कर रही हैं।

Updated on:
18 Jul 2024 12:34 pm
Published on:
18 Jul 2024 12:31 pm
Also Read
View All

अगली खबर