कोविड-10 टीकाकरण : जिले में करीब 9 लाख हाइरिस्क व्यक्तितीसरे चरण मे वरिष्ठ नागरिकों को मिलेगा मौका
जबलपुर। हेल्थ केयर और फ्रंटलाइन वर्कर को कोरोना का टीका लगाने के बाद अब अगले महीने आम लोगों को राहत का टीका लगाने की तैयारी है। सरकार ने 1 मार्च से 60 वर्ष से ज्यादा उम्र और 45 वर्ष से ज्यादा आयु वाले गम्भीर रोग से ग्रसित मरीजों को कोरोना टीका लगाने की घोषणा की है। इसके बाद जिले में स्वास्थ्य विभाग ने तीसरे चरण के टीकाकरण के लिए योजना पर मंथन प्रारंभ कर दिया है। कोरोना के पहली लहर के समय किए गए हाइरिस्क और वृद्धजन सुरक्षा अभियान के दौरान चिह्नित व्यक्तियों का डाटा खंगाला जा रहा है। एक अनुमान के मुताबिक जिले में करीब 9 लाख हाइरिस्क व्यक्ति हैं। इन्हें कोरोना टीका लगवाने के लिए पहले कोविन एप पर पंजीयन करना होगा। पंजीकृत व्यक्ति को ही सरकार कोरोना का टीका लगाएगी।
यह है स्थिति
- 28 लाख के लगभग जिले की वर्तमान जनंसख्या
- 08 लाख के करीब वरिष्ठ नागरिक होने का अनुमान
- 01 लाख के लगभग गम्भीर पीडि़त होने का अनुमान
आरोग्य सेतु की तरह होगा काम
कोरोना संक्रमण के फैलाव के समय बनाए गए आरोग्य सेतु एप की तरह ही कोविड टीकाकरण के लिए कोविन एप काम करेगा। सूत्रों के अनुसार तीसरे चरण में टीका लगवाने के इच्छुक पात्र व्यक्तियों को अपने मोबाइल फोन में कोविन एप डाउनलोड करना होगा। इस एप में आवश्यक जानकारियां भरने के साथ ही टीकारण केन्द्र के रूप में सरकारी या निजी अस्पताल के विकल्प को चुनना होगा। उसके अनुसार एप संबंधित व्यक्ति को टीका लगवाने की तारीख और केन्द्र का नाम मैसेज करेगा।
33 निजी अस्पताल में लगेगा टीका
कोरोना टीकाकरण के तीसरे चरण में सरकारी के अलावा निजी अस्पतालों को भी शामिल किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार आयुष्मान योजना के अधिकृत निजी अस्पतालों को कोरोना टीकाकरण केन्द्र बनाने की प्रारंभिक योजना है। बताया जा रहा है कि जिले में अभी 33 निजी अस्पताल आयुष्मान योजना से संबद्ध है। लगभग 11 निजी अस्पतालों ने आयुष्मान योजना के लिए आवेदन किया है। ये भी स्वीकृति प्राप्त होने पर टीकाकरण अभियान में शामिल हो सकते हैं।
...
वरिष्ठ नागरिकों और हाइ रिस्क व्यक्तियों को 1 मार्च से कोरोना टीका लगाने की योजना है। इस संबंध में शासन के निर्देशानुसार टीकाकरण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
- डॉ. शत्रुघन दाहिया, जिला टीकाकरण अधिकारी