लगाया है पैरोल पर छूटकर आपराधिक गतिविधियों में संलग्न होने का आरोप
जबलपुर। हाइकोर्ट में राज्य की भाजपा सरकार में मंत्री रामकिशोर कावरे के भाई राजकुमार कावरे के खिलाफ दायर जनहित याचिका की सुनवाई मंगलवार को टल गई। याचिकाकर्ता कंकर मुंजारे की ओर से याचिका में तकनीकी संशोधन के लिए समय मांगा गया। एक्टिंग चीफ जस्टिस संजय यादव व जस्टिस राजीव कुमार दुबे की डिवीजन बेंच ने आग्रह स्वीकार कर अगली सुनवाई दो नवम्बर नियत की। याचिका में आरोप है कि हत्या के अपराध में पेरोल पर जेल से छूटने के बाद राजकुमार लगातार आपराधिक गतिविधियों में संलग्न हैं। पैरोल निरस्त करने के सम्बन्ध में कई गई शिकायत पर सरकार लापरवाही बरत रही है।
मंत्री कावरे के भाई के खिलाफ दायर जनहित याचिका की सुनवाई टली
बालाघाट के पूर्व सांसद कंकर मुंजारे की ओर से याचिका दायर की गई। इसमें कहा गया कि सांसद रामकिशोर कावरे के भाई राजकुमार कावरे को हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा हुई थी। 2003 में सरकार ने सात साल काटने के बाद राजकुमार को पैरोल पर रिहा कर दिया।
नाबालिग से छेड़छाड़ के आरोपी को जमानत नहीं
जिला अदालत ने नाबालिग से छेड़छाड़ के आरोपी जबलपुर निवासी युवक को जमानत देने से इनकार कर दिया। पॉक्सो एक्ट की विशेष न्यायाधीश संगीता यादव की अदालत ने आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी। अभियोजन की ओर से कोर्ट को बताया गया कि 29 फरवरी 2020 को सायं साढ़े छह बजे नाबालिग चॉकलेट खरीदने निकली थी। इसी दौरान आरोपी हाथ पकडकऱ परेशान करने लगा। उसकी आवाज सुनकर लोग एकत्र हो गए। इस पर आरोपी भाग खड़ा हुआ । पुलिस ने शिकायत पर भादवि व पॉक्सो एक्ट के तहत प्रकरण कायम कर लिया। अभियोजन की ओर से आपत्ति जताते हुए कहा गया कि जमानत अर्जी खारिज किए जाने योग्य है। सुनवाई के बाद कोर्ट ने अर्जी निरस्त कर दी।