जबलपुर

इस बार स्वयं सिद्ध मुहूर्त पर भी नहीं है शादी, केवल 9 दिन बजेगी शहनाई

सीजन में 18 दिन में है शादियों के केवल 9 मुहूर्त

2 min read
shadi ke muhurta in hindi

जबलपुर। मानसूनी हवाओं ने दस्तक दे दी है। मेघ बारिश के उमड़ पड़े हैं, वहीं शादी के मुहूर्त अब गुड बाय करने वाले हैं। आचार्यों के अनुसार इस सीजन में अब 18 दिन में केवल नौ वैवाहिक मुहूर्त शेष हैं। इसके बाद बारात के बैंड बाजा और शहनाई की धुन छह माह के लिए थम जाएगी। ग्रह नक्षत्रों की स्थिति के कारण चातुर्मास के दो माह बाद वैवाहिक मुहूर्त नहीं है। इस लगन में सात फेरे से वंचित रहने वाले युवक-युवतियों को मकर संक्रांति के बाद तक प्रतीक्षा करनी होगी। सबसे विशेष बात यह है कि शादियों के लिए अबूझ और स्वयं सिद्ध कही जाने वाली भड़ली नवमीं की तिथि पर इस बार वैवाहिक मुहूर्त नहीं है। मांगलिक ग्रहों के अस्ताचल में प्रवेश करने की वजह से यह स्थिति कई साल बाद बनी है।

भड़ली नवमीं पर शादियां नहीं
ज्योतिर्विद जनार्दन शुक्ला के अनुसार भड़ली नवमी 21 जुलाई को है। भड़ली नवमीं को अबूझ मुहूर्त माना जाता है। लेकिन, ग्रहों की स्थिति के कारण पंचांगों में भड़ली नवमीं को वैवाहिक मुहूर्त नहीं है। 17 जुलाई को सुबह 9 बजकर 19 मिनट पर सूर्य कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। मगर राशि के सूर्य में विवाह के मुहूर्त नहीं होते हैं। ऐसी स्थिति में इस बार भड़ली नवमीं को सात फेरे नहीं लेना चाहिए।

कर्क राशि में जाएंगे सूर्य देव
सूर्य के कर्क राशि में जाने के बाद चार माह विवाह के मुहूर्त नहीं होते हैं। सीजन में 16 जुलाई तक सिर्फ 10 लगन हैं। हर साल चातुर्मास में चार माह की शादियां नहीं होती है लेकिन इस बार ग्रहों की स्थिति के कारण 6 माह बाद लगन शुरू होगी। देव उठनी एकादशी 19 नवम्बर के बाद और मंकर संक्रांति 14 जनवरी के बीच सिर्फ एक लगन है। फिर मकर संक्रांति के बाद 18 जनवरी से लगन शुरू होगी।

ये हैं लगन
जून में 30 एवं जुलाई में 4, 5, 6, 9, 10, 11, 15 एवं 16 जुलाई। वैदिक पंचांग के अनुसार इन दिवसों और मुहूर्तों में ही सात फेरों की रस्म निभाई जा सकेगी।

चातुर्मास की साधना 23 से
चातुर्मास की साधना 23 जुलाई से शुरू होगी। देव शयनी एकादशी के चार माह देव शयन करेंगे और मांगलिक कार्यों के मुहूर्त नहीं होंगे। बरसात के मौसम में सूक्ष्म जीव जंतु बाहर निकलेंगे और अङ्क्षहसा के भाव से संत जन एक स्थान पर रहकर साधना करेंगे। इस दौरान धार्मिक कार्यक्रम अधिक होंगे। जबकि, नर्मदा परिक्रमा भी बंद रहेगी।

Updated on:
29 Jun 2018 08:15 pm
Published on:
29 Jun 2018 08:14 pm
Also Read
View All