श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पूजा मुहूर्त, बन रहा द्वापर युग जैसा योग मनोकामना होंगी पूरी
जबलपुर। द्वापर युग में सोलह कलाओं के साथ श्रीकृष्ण ने जिस योग में जन्म लिया था, इस बार ठीक वैसा ही योग बन रहा है। 12 अगस्त को रात 1.20 बजे रोहिणी नक्षत्र लगेगा, इस दिन बुधवार होने के साथ सिद्धि योग भी है। इसी समय भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया जाएगा। तिथि को लेकर लोगों में दुविधा के बीच नगर पंडित सभा ने ये स्पष्ट किया है।
12 अगस्त को मनायी जाएगी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी
जन्माष्टमी पर द्वापर जैसा योग है, जब जन्मे थे कन्हैया
तिथि की दुविधा पर नगर पंडित सभा ने दी जानकारी
ये थी दुविधा
कन्हैया का जन्मोत्सव 11 या 12 अगस्त को मनाया जाएगा, इसे लेकर दुविधा थी। ऐसे में नगर पंडित सभा ने अपना मत स्पष्ट किया कि पंचांग में 11 अगस्त को भी जन्माष्टमी है, लेकिन इस दिन साधु-संत पर्व मनाएंगे। जबकि, 12 अगस्त को गृहस्थ पर्व मनाएंगे। नगर पंडित सभा के अध्यक्ष वासुदेव शास्त्री, शैलेन्द्र तिवारी, संजय मिश्रा, पं. जनार्दन शुक्ला ने बताया कि 12 अगस्त को सुबह 7.54 तक ही अष्टमी तिथि है। वैष्णव लोगों के लिए उसी दिन जन्माष्टमी मनाने का विधान है, जब उससे नवमी तिथि जुड़ी हो। इसीलिए इस दिन कन्हैया का जन्मोत्सव मनाया जाएगा।
घर पर मनाएं पर्व
कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए संतजनों ने इस बार कन्हैया का जन्मोत्सव लोगों से घरों मे रहकर ही मनाने कहा है। स्वामी अखिलेश्वरानंद गिरि का कहना है घरों में रहकर श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मनाएं। भीड़ इक_ी न करें। जिससे कोरोना महामारी के संक्रमण से बचा जा सके।