कुचैनी ट्रस्ट में मंदाकिनी दीदी के प्रवचन, श्रीरामकथा का समापन
जबलपुर. सकारात्मक सोच जीवन में एक नई ऊर्जा का संचार करती है। श्रीरामचरित मानस में जीवन की हर समस्या का समाधान है। उक्त धर्मवचन श्री ठाकुर बिहारी कुचैनी ट्रस्ट द्वारा एमजीएम मैरिज पैलेस दमोहनाका में संगीतमय भजन एवं श्रीराम कथा ज्ञान यज्ञ के समापन पर दीदी मां मन्दाकिनी श्रीरामकिंकर ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि मनुष्य मंै और मेरे की संकीर्ण मानसिकता से ऊपर नहीं उठेगा तब तक सर्वहित की आड़ में केवल स्वहित ही करता रहेगा। महाराजश्री रामकिंकरजी की मीमांसा यर्थार्थ रामायण है। समापन पर दीदी मां का सम्मान कुचैनी ट्रस्ट के ब्रजबिहारी नगरिया, गुलाबचंद बिलैया, विजय चंद जैन,सुनील कुरेले, विजय सरावगी, कन्हैयालाल ब्रिजपुरिया, जितेश सुहाने, शंभूदयाल बडेरिया, ऊषा बडेरिया, अरविंद दुबे ने किया।
शास्त्री नगर में श्रीराम कथा में राम रस की वर्षा
जबलपुर. धर्म की स्थापना के लिए भगवान का अवतार होता है। ये उद्गार शास्त्री नगर में श्रीराम कथा के दूसरे दिन स्वामी राजेश्वरानंद सरस्वती ने व्यक्त किए। प्रारम्भ में नवरंग कला केंद्र के कलाकारों ने प्रस्तुति दी। कथा में स्वामी मुकुंदास, स्वामी नित्यानंद, प्रमोद तिवारी, उमा तिवारी, रामजीयन सिंह, राजू खालसा, अनुपम जैन, गणेश चौकसे, सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।
जीवन को निर्मल बनाता है मां नर्मदा का सान्निध्य
जबलपुर. मां नर्मदा के सानिध्य में जो भी आता है उसका जीवन निर्मल एवं विकार रहित हो जाता है। मां नर्मदा साक्षात देवी हैं जो हमें दर्शन दे रही हैं। मां नर्मदा के जल को स्वच्छ रखना सभी का दायित्व है। उक्ताश्य के उद्गार जिलहरीघाट में नर्मदा जयंती के अवसर पर जिलहरीघाट स्थित प्रेमानंद आश्रम में कथा व्यास राघवदास महाराज ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि मां नर्मदा के तट पर यदि कोई प्राणी इंद्रियों को संयमित कर निवास करता है तो उसके कई पीढिय़ों के पाप नष्ट हो जाते हैं। कथा में मां नर्मदा का अवतरण बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। कथा के उपरांत महाआरती महंत नागा श्यामदास, दांडी स्वामी कालिकानंद, डॉ. राधेचैतन्य, कार्यक्रम संयोजक रमेश श्रीवास, डॉ आदर्श शर्मा, रश्मि श्रीवास,रमेश शुक्ला,मदन तिवारी, अरूणा बेदी आरती दुबे मुकेश सेन आदि ने की।
शिवनगर में आजसाईं पालकी यात्रा
जबलपुर. साईं दरबार शिवनगर गढ़ा की पालकी शोभायात्रा शनिवार को निकलेगी। आयोजन समिति के वीरेंद्र सैनी ने बताया कि खेरमाई मंदिर शिवनगर से सुबह 10 बजे पालकी शोभायात्रा शुरू होगी। कालीमठ मंदिर, गुलौआ चौक होते हुए शोभायात्रा साईं दरबार पहुंचेगी। दोपहर दो बजे हवन पूजन होगा।