आवारा पशुओं को लगेंगे स्मार्ट टैग

निगम का स्वास्थ्य विभाग तैयार कर रहा योजना, चंडीगढ़ की तर्ज पर आवारा पशुओं को करेंगे चिन्हित

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Dec 22, 2015
जबलपुरशहर में मुसीबत बने आवारा पशुओं पर लगाम लगाने के लिए निगम के स्वास्थ्य विभाग ने कसरत शुरू की है। इसके लिए चंडीगढ़ की तर्ज पर आवारा पशुओं को चिन्हित किया जाएगा। उन्हें पकड़कर उनके कानों में स्मार्ट टैग लगाया जाएगा। इसकी खासियत होगी कि इसे पशु मालिक अलग नहीं कर पाएंगे। यदि किसी तरह अलग भी कर लिए, तो पशु के कानों में निशान रह जाएगा। इससे अगली बार पकड़े जाने पर हाका गैंग अधिक जुर्माना लगाने के साथ ही उन पर कड़ी कार्रवाई कर पाएगा।

पत्रिका की खबर पर हरकत में आया अमला
आवारा मवेशियों को लेकर पत्रिका ने लगातार खबरें प्रकाशित कीं। दो साडों की लड़ाई में बल्देवबाग में एक व्यक्ति की मौत के बाद पत्रिका ने आवारा मवेशियों को लेकर प्रमुखता से खबरें प्रकाशित की। शहर के अलग-अलग इलाकों में आवारा मवेशियों के चलते आए दिन होने वाले हादसे के बाद आखिरकार निगम के स्वास्थ्य अमले की नींद टूटी।

यह बन रही व्यवस्था
हाका गैंग अधीक्षक ओपी दुबे ने बताया कि चंडीगढ़ सहित बड़े शहरों की तर्ज पर यहां भी चिप आधारित टैग मवेशियों के कानों में लगाने की योजना है। इसके लिए एक कंपनी से बात भी हो रही है। इस टैग की खासियत है कि एक बार लगाए जाने पर यह लॉक हो जाएगा। इससे शहर में कितने पालतू मवेशी हैं और कितने आवारा, इसकी संख्या पता चल जाएगी। पालतू मवेशियों को पहली बार पकड़े जाने पर सामान्य जुर्माना लिया जाएग। दूसरी बार पकड़े जाने पर टैग से उनकी पहचान होगी और उनसे दो गुना जुर्माना वसूला जाएगा। तीसरे बार पकड़े जाने पर मवेशी को नहीं दिया जाएगा।

डुमना में पशुगृह बनाने की तैयारी
निगम ने इसके साथ ही डुमना नेचर पार्क के पास 50 एकड़ क्षेत्रफल में पशुगृह बनाने जा रहा है। यहां शहर से पकड़े गए पशुओं को रखा जाएगा। इसके रख-रखाव की जिम्मेदारी निगम उठाएगी।

शहर में आवारा मवेशियों को पकडऩे के लिए लगातार कोशिश की जा रही है। कई पशुपालक जानबूझकर पशुओं को छोड़ देते हैं। इसके लिए स्मार्ट टैग की व्यवस्था लागू करने की कवायद चल रही है। जल्द ही इसका असर दिखेगा।
राकेश अयाची, उपायुक्त, स्वास्थ्य विभाग
Published on:
22 Dec 2015 12:23 pm
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