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Rajasthan: लंबे इंतजार के बाद पांचना बांध के गेट खुले, नहरों और गंभीर नदी में जल प्रवाह शुरू

Panchana Dam: करीब दो दशक के इंतजार और हाल के दिनों में चले आंदोलन के बाद आखिरकार करौली के पांचना बांध से राहत की खबर आई है। स्लूस गेटों की तकनीकी खामी दूर होने के बाद सातों गेटों का सफल टेस्ट रन किया गया, जिससे कमांड क्षेत्र की नहरों, गंभीर नदी और लिफ्ट परियोजना में फिर से पानी का प्रवाह शुरू हो गया। किसानों ने इसे बड़ी राहत बताया है।
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करौली

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Kamal Mishra

Jul 16, 2026

Panchana Dam

Panchana Dam : पांचना बांध से छोड़ा जा रहा पानी (फोटो-पत्रिका)

करौली। करीब दो दशक से पांचना बांध के पानी को लेकर चले आ रहे विवाद और हाल के दिनों में हुए आंदोलन के बाद आखिरकार गुरुवार को किसानों के लिए राहत भरी खबर आई। स्लूस गेटों की तकनीकी खामियां दूर होने के बाद पांचना बांध के सातों गेटों का सफल टेस्ट रन किया गया। इसके साथ ही कमांड क्षेत्र की नहरों, गंभीर नदी और पांचना-गुड़ला लिफ्ट परियोजना की नहरों में फिर से पानी छोड़ा गया। नहरों और नदी में कलकल करते पानी को देखकर किसान प्रतिनिधियों ने खुशी जताई और उम्मीद जताई कि अब समय पर सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सकेगा।

गुरुवार शाम संभागीय आयुक्त नलिनी कठौतिया, करौली जिला कलक्टर अक्षय गोदारा, सवाई माधोपुर जिला कलक्टर कानाराम, करौली पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल, जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य अभियंता डी. के. अग्रवाल, अधिशासी अभियंता विवेक बंसल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी पांचना बांध पहुंचे। यहां स्लूस गेटों की पूजा-अर्चना के बाद बांध के सातों गेटों का एक-एक कर तकनीकी परीक्षण किया गया और गंभीर नदी सहित कमांड क्षेत्र की नहरों में जल प्रवाह शुरू किया गया। साथ ही पांचना-गुड़ला लिफ्ट परियोजना की नहरों में भी टेस्ट रन के तहत पानी छोड़ा गया।

टेस्ट रन पूरी तरह सफल

संभागीय आयुक्त नलिनी कठौतिया ने बताया कि स्लूस गेटों में आई तकनीकी खामियों को विशेषज्ञों की मदद से दूर कर दिया गया है। टेस्ट रन पूरी तरह सफल रहा है और इससे आगे नियमित जल आपूर्ति का रास्ता साफ हुआ है।

6 जुलाई को आई थी तकनीकी खराबी

दरअसल, पांचना बांध के पानी को लेकर पिछले करीब 20 वर्षों से विवाद बना हुआ था। हाल ही में 30 जून को जयपुर में राज्य सरकार के तीन मंत्रियों और किसान प्रतिनिधियों के बीच हुई उच्च स्तरीय बैठक में सहमति बनने के बाद गतिरोध समाप्त हुआ। इसके बाद 6 जुलाई को जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत और गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने नवीन गुड़ला लिफ्ट परियोजना का शिलान्यास किया और पहली बार नहरों व गंभीर नदी में पानी छोड़ा गया था। हालांकि, उसी दिन स्लूस गेटों में तकनीकी खराबी आने से पानी का दबाव कम हो गया।

मंत्री किरोड़ी लाल ने दिलाया था भरोसा

नाराज किसानों ने कुसांय गांव सहित कई स्थानों पर सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। करौली जिले के विभिन्न हिस्सों में कई दिनों तक आंदोलन चलता रहा। बाद में गंगापुर सिटी में मंत्रियों, प्रशासनिक अधिकारियों और किसान प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक में समाधान पर सहमति बनी। कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने किसानों को 7 से 10 दिनों के भीतर गेटों की मरम्मत कर पूरी क्षमता से पानी छोड़ने का आश्वासन दिया था।

मुंबई से आई टीम

आश्वासन के बाद जल संसाधन विभाग ने मथुरा, देवली और मुंबई से विशेषज्ञ तकनीशियनों तथा डाइवर्स की टीम बुलाकर स्लूस गेटों की मरम्मत कराई। मरम्मत पूरी होने के बाद गुरुवार को सफल परीक्षण किया गया।

हजारों किसानों को मिलेगा फायदा

इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रही। बांध परिसर में पुलिस, एसटीएफ और एसडीआरएफ के जवान तैनात रहे। कमांड क्षेत्र के किसान प्रतिनिधि भी मौके पर मौजूद रहे। ग्रामोत्थान संस्था के अध्यक्ष रघुवीर प्रसाद मीणा ने कहा कि गेटों की तकनीकी खामी दूर होने से किसानों में खुशी है। वहीं गुड़ला-पांचना संघर्ष समिति के अध्यक्ष अशोक सिंह धाभाई ने सरकार पर भरोसा जताते हुए कहा कि यदि तय समय पर परियोजना का कार्य पूरा हुआ और नियमित जलापूर्ति शुरू हुई तो क्षेत्र के हजारों किसानों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।