काले बादलों से घिरा आसमान, बूंदाबांदी के बाद गर्मी से राहत
जबलपुर . मध्यपूर्व अरब सागर में बने डीप डिप्रेशन के चक्रवाती तूफान निसर्ग में परिवर्तित होने के बाद शहर का मौसम बदल गया। आसमान में काले बादल घिर आए। मंगलवार को पूरे दिन बादल मंडराते रहे। इससे तापमान में कमी आयी। अरब सागर की ओर से आ रही नमी भरी हवा से पारे ने करीब सात डिग्री का गोता लगाया। तापमान सामान्य से नौ डिग्री नीचे तक चला गया। इससे पहले सुबह की शुरुआत ही बूंदाबांदी के साथ हुई। इससे मौसम में नमी बढ़ गई। बादल छाए रहने से धूप नहीं खिली। पूर्वान्ह में कुछ देर के लिए उमस का अहसास हुआ। बाद में शीतल हवा चलने से गर्मी महसूस नहीं हुई। मौसम खुशनुमा बना रहा। चक्रवाती तूफान निसर्ग के असर से झुलसाने वाली धूप और प्रचंड गर्मी के पहचान रखने वाले नौतपा के आखिरी दिन तापमान सबसे कम रेकॉर्ड हुआ।
तापमान 32.2 डिग्री, आद्र्रता 74 प्रतिशत
निसर्ग के प्रभाव से आए मौसम में परिवर्तन से मंगलवार को तापमान में तेज गिरावट आयीं। अधारताल स्थित मौसम विज्ञान केन्द्र के अनुसार सोमवार को अधिकतम तापमान 39.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26.6 डिग्री सेल्सियस था। यह मंगलवार को लुढ़ककर क्रमश: 32.4 डिग्री और 25 डिग्री सेल्सियस हो गया। अधिकतम स्तर पर तापमान सामान्य से 9 डिग्री और न्यूनतम स्तर पर 3 डिग्री नीचे चला गया। बादलों के कारण नमी बढ़ी है। इससे आद्र्रता सुबह के समय 74 प्रतिशत और शाम को 49 प्रतिशत थीं। दक्षिण-पश्चिमी हवा औसतन 4 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से चलीं। सुबह के समय 3 मिमी वर्षा रेकॉर्ड की गई है। प्रदेश में मंगलवार को दिन में सबसे ज्यादा तापमान 44 डिग्री सी खरगौन में रेकॉर्ड किया गया है।
आज और कल बूंदाबांदी की सम्भावना
मौसम विज्ञान केन्द्र में वैज्ञानिक देवेन्द्र कुमार तिवारी के अनुसार अम्फान के बाद आए चक्रवाती तूफान निसर्ग के असर से मौसम में परिवर्तन आया है। अरब सागर से लगातार नमी भरी हवा आ रही है। तूफान के प्रभाव से बादल बने हुए है। बुधवार को सम्भाग के जिलों में कुछ स्थानों पर वर्षा या गरज-चमक के साथ बौछर पडऩे की सम्भावना है। शहर में भी दो दिन बूंदाबांदी का अनुमान है। तापमान अभी सामान्य से नीचे ही बना रहेगा। तूफान का प्रभाव चले जाने के बाद एक बार फिर मौसम करवट लेगा।