मप्र पावर ट्रांसमिशन कम्पनी द्वारा तैयार किया जा रहा प्लान, जमीन की भी होगी बचत
जबलपुर. जमीन के ऊपर बनने वाले विद्युत सब स्टेशन, आने वाले दिनों गुजरे जमाने की बातें होने वाले हैं। मध्य प्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी अंडरग्राउंड विद्युत सब स्टेशन के प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। जमीन से लगभग 12 से 15 मीटर नीचे बनाए जाने वाले इन सब स्टेशनों फॉल्ट का ग्राफ न्यूनतम हो जाएगा। मौसम भी इन सब स्टेशनों और इनके उपकरणों को प्रभावित नहीं कर सकेगा। मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कम्पनी द्वारा इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर दिया गया है। नए सब स्टेशन अब जमीन के नीचे बनाने पर काम किया जा रहा है। रिमोट से ऑपरेट होने वाले इन सब स्टेशनों से उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली मिल सकेगी।
जमीन से होगा 17 मीटर नीचे
जानकारी के अनुसार अंडर ग्राउंड सब स्टेशन से जमीन की बचत होगी। यह 600 स्क्वायर मीटर जगह में बनकर तैयार हो जाएगा। यह जमीन से न्यूनतम लगभग 12 और अधिकतम 17 मीटर नीचे बनाया जाएगा। इससे ऊपर की भूमि को दूसरे कार्य जैसे ऑफिस, पार्क, पार्किंग या अन्य चीजों के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा। इससे जगह की भी बचत होगी। इसकी अनुमानित लागत 150 करोड़ रुपए के आसपास होगी।
होगा मैंटेनेंस फ्री
सब स्टेशनों पर मौसम का काफी असर पड़ता है। बारिश के मौसम में तेज हवाओं और बारिश के चलते जहां सामान्य सब स्टेशनों में फॉल्ट की संख्या अधिक हो जाती है, वहीं बारिश, धूप और गर्मी के कारण वहां लगने वाले उपकरणों, पोल और तारों पर भी विपरीत असर पड़ता है। इधर गैस इंसुलेटेड सब स्टेशनों में भी फॉल्ट आते है। लेकिन भूमिगत सब स्टेशन बनने के बाद फॉल्ट का ग्राफ न्यूनतम हो जाएगा।