New Railway Routes: रेलवे मध्य प्रदेश के पिछड़े क्षेत्रों के विकास के लिए 11 नए रेल रुट्स बनाने का काम जल्द शुरू करने वाला। इनमे से कुछ क्षेत्रों का सर्वे किया जाएगा और कुछ व्यवहार्यता की प्रक्रिया से चलेंगी।
MP Railway News: भारतीय रेलवे ने मध्य प्रदेश के लोगों को बड़ी खुशखबरी दी है। अन्य राज्यों के साथ एमपी के रेल नेटवर्क कनेक्टिविटी को मजबूत करने के उद्देश्य से 11 नए रेलवे रूट (New Railway Routes) बनाने की तैयारी को अंतिम रूप दिया गया है। इन रेल लाइनों को बनाने का एक मकसद प्रदेशके पिछड़े और अहम जिलों तक रेल कनेक्टिविटी बढ़ाना है। इस पहल के तहत भोपाल को खजुराहो से जोड़ने वाले रेल कॉरिडोर के निर्माण के लिए एक सर्वे शुरू किया जाएगा जो सागर, छतरपुर और दमोह से होकर गुजरेगा। बाकी 10 रूटों के लिए उनकी फिजिबिलिटी का पता लगाने के लिए रिकॉनिसेंस और ट्रैफिक सर्वे किए जाएंगे। सबसे अधिक रूटों की संख्या बुंदेलखंड क्षेत्र में होने वाली है।
बता दें कि, इस 11 नए रेल मार्गों में जबलपुर-डिंडौरी-पेंड्रा रोड और झांसी-शिवपुरी-श्योपुर-सवाई माधोपुर मार्ग शामिल है। इन दोनों रुट्स का सर्वे क्रमशः वेस्ट सेंट्रल रेलवे और साउथ ईस्ट सेंट्रल रेलवे द्वारा किया जाएगा। रेलवे बोर्ड ने सर्वे के बजट भी स्वीकृत कर दिया है और सम्बंधित जोन को प्रोसेस आगे बढ़ाने के निर्देश भी दे दिए है।
रेलवे के अनुसार, यह सर्वे दो चरणों में किया जाना वाला है। पहले चरण में टोही सर्वे किया जाएगा। इसमें रुट्स की भौगोलिक स्थिति, संभावित ट्रैक, बजट और तकनीकी परेशानियों और चुनौतियों की स्टडी की जाएगी। इसके बाद दूसरा चरण में यातायात सर्वे किया जाएगा। इसमें यात्रियों और माल ढुलाई की संभावना की विश्लेषण किया जाएगा। दोनों सर्वे खत्म हो जाने के बाद इसे रेलवे बोर्ड के पास अंतिम निर्णय के लिए भेजा जाएगा। हालांकि, इनमे कई रेल रूट ऐसे भी है जहां पहले भी सर्वे किया जा चूका है लेकिन बजट की कमी और तकनिकी परेशानियों की वजह से योजना पर काम नहीं हो पाया।
मिली जानकारीं के अनुसार, रेलवे इस बार प्रदेश के उन जिलों या क्षेत्रों तक कनेक्टिविटी बढ़ाने की तैयारी में है जहां लंबे समय से या तो जनप्रतिनिधियों या स्थानीय लोगों द्वारा रेल लाइन की मांग की जा रही थी। भारतीय रेलवे की इस मुहीम से प्रदेश के पिछड़े क्षेत्रों बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है जिससे लाखों लोगों को इसका फायदा होगा। यही नहीं इससे क्षेत्र का विकास भी होगा और स्थानीय व्यापर और पर्यटन को भी तेजी मिलेगी।