
जबलपुर। शहर को साफ-सुथरा बनाने के लिए नगर निगम करोड़ों रुपए पानी की तरह खर्च कर रहा है। वहीं, शहर की सबसे ऊंची बिल्ंिडग बनाने पर करोड़ों रुपए खर्च करने वाला एक बिल्डर निगम के स्वच्छता अभियान का पलीता लगा रहा है। इसकी पोल बुधवार को उस वक्त खुली जब नगर निगम की एक टीम ने विजय नगर के स्कीम नंबर-41 में एक डेवलपर की कंस्ट्रक्शन पर अचानक छापेमारी की। टीम ने साइट का कोना-कोना खंगाला लेकिन कहीं पर भी टॉयलेट नहीं मिला। कंस्ट्रक्शन साइट पर काम करने वाले कुछ मजदूर खुले में शौच करते मिले। जांच में पता चला कि साइट के करीब 150 मजूदर खुले में ही शौच करते मिले। इस पर निगम ने बिल्डर पर तत्काल जुर्माना ठोंक दिया।
कई दिन से मिल रही थी शिकायत
नगर निगम को लगातार शिकायत मिल रही थी कि एकता चौक से जेडीए स्कीम नंबर-४१ रोड के किनारे एक बिल्डर की साइट पर रहने वाले मजदूर खुले में शौच कर रहे है। इससे आसपास के क्षेत्र में गंदगी और बदबू फैल रही है। बुधवार को शिकायत की जांच के लिए अपर आयुक्त गजेन्द्र सिंह नागेश, कार्यपालन यंत्री राजवीर सिंह नयन, उपयंत्री विजय सिंह बघेल, सहायक यंत्री सुनील दुबे पहुंचे। उन्होंने पाया कि कंस्ट्रक्शन साइट पर गंदगी, बदबू लोगों को परेशान कर रही थी।
75 हजार रुपए जुर्माना
नगर निगम के अधिकारियों ने कंस्ट्रक्शन साइट पर जांच के बाद बिल्डर को गंदगी फैलाने का दोषी पाया। इस पर बिल्डर के खिलाफ 75 हजार रुपए जुर्माना किया गया है। निगम ने नोटिस जारी करके बिल्डर को चेतावनी भी दी है। दोबारा इस तरह की शिकायत मिलने पर कड़ी कार्रवाई की बात कही है। जेएमसी में कार्यपालन यंत्री राजवीर सिंह ने बिल्डर की साइट पर काम कर रहे मजदूरों द्वारा गंदगी फैलाने के मामले में जुर्माने की पुष्टि की है।
10 मजदूर पर एक टॉयलेट का नियम
नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार ठोस अपशिष्ट नियम-2016 के तहत मजदूरों की शौचालय व्यवस्था के संबंध में बिल्डर के लिए गाइडलाइन तय है। नियम के अनुसार प्रत्येक 10 मजदूर पर एक टॉयलेट होना चाहिए। लेकिन ओंकार प्रसाद तिवारी नगर रोड पर हाईराइज बिल्ंिडग के प्रोजेक्ट में करीब 150 मजदूर कार्य कर रहे है। उनके लिए केवल 10 टॉयलेट है। जांच अधिकारियों को ये 10 टॉयलेट बेहद गंदे मिले।
जांच से ठीक पहले कार्रवाई
दिल्ली से क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया की टीम शुक्रवार को शहर में ओडीएफ सिटी (खुले में शौचमुक्त शहर) का निरीक्षण करने पहुंच रही है। यह टीम विभिन्न क्षेत्रों का औचक निरीक्षण कर स्वच्छता को परखेगी। जबलपुर को इस साल के शुरुआत में ही खुले में शौचमुक्त घोषित किया गया है। अब दिल्ली से आ रही टीम के निरीक्षण के बाद इस पर मुहर लगाई जा सकेगी।