जबलपुर में सिर्फ एक समूह की शराब दुकान का टेंडर, अब आबकारी विभाग खुद करेगा संचालन
जबलपुर. जिले की शराब दुकानों के संचालन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था कारगर साबित नहीं हुई है। 144 देशी-विदेशी शराब दुकानों के 46 एकल समूहों में केवल एक धनवंतरी नगर की देशी शराब दुकान का टेंडर हो सका। दो अन्य समूहों के लिए आए टेंडर अलग-अलग कारणों से निरस्त किए गए हैं। अब फिर से टेंडर होंगे। इस बीच ठेकेदार नहीं मिलने की स्थिति में आबकारी विभाग खुद ही दुकानों के संचालन की तैयारी में जुट गया है। वह आउटसोर्स से कर्मचारी लेने जा रहा है। शराब दुकानों के लिए नई आबकारी नीति मानने से इनकार करने के बाद शराब दुकानों का ठेका निरस्त हो गया है। राजस्व आय की दृष्टि से आबकारी विभाग के मुख्यालय के द्वारा जिला समितियों के माध्यम से दुकानों का ठेका करने के निर्देश दिए गए थे। जिले में 92 देशी और 51 विदेशी शराब की दुकानें हैं। इनके संचालन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई थी। इसके तहत टेंडर प्रक्रिया अपनाई गई। जिला आबकारी विभाग से अलग-अलग समूहों के लिए करीब 15 फॉर्म क्रय किए गए थे, लेकिन उनमें से केवली तीन ही जमा हुए।
सरकारी मूल्य से कम राशि
धनवंतरी नगर समूह में शामिल केवल एक देशी शराब की दुकान के लिए वर्ष 2020-21 के लिए 25 फीसदी से ज्यादा राशि की बोली लगाए जाने के कारण ठेकेदार को यह मिल गई। पहले प्रतिदिन लाइसेंस फीस 1 लाख 92 हजार रुपए प्रतिदिन थी, ठेके में इसकी कीमत 2 लाख 22 हजार रुपए मिली। करमेता समूह की दुकान के लिए आए शासकीय धरोहर राशि से कम राशि का प्रस्ताव आया। दूसरी तरफ वहीं सालीवाड़ा समूह के लिए धरोहर राशि ही जमा नहीं की गई। इससे वहां का टेंडर निरस्त हो गया। अब आगामी समय में नया टेंडर हो सकता है।
ठेकेदारों के बीच बातचीत
पहले और अब जो भी ठेका फर्म शराब की दुकानों का संचालन करेंगे, उनमें व्यक्ति लगभग वहीं होते हैं। उन्होंने पूर्व में तय ठेका राशि के आधार पर लाइसेंस फीस देने से इनकार कर दिया था। उनका कहना था कि कोरोना वायरस के कारण जारी लॉकडाउन में दुकानें नहीं खुली। फिर खोलने का आदेश जारी किया गया तो उसमें भी समय कम है। ऐसे में उन्होंने दुकानों को चलाने के लिए हाथ खड़े कर दिए थे। अब पूर्व की व्यवस्था के अनुसार 144 शराब दुकानों को 46 ग्रुप में विभाजित कर टेंडर प्रक्रिया अपनाई लेकिन ठेकेदारों ने रुचि ही नहीं दिखाई।
अब खुलेंगी सभी दुकान
अभी आबकारी विभाग 66 दुकानें खोल रहा था लेकिन अब सभी 144 दुकानें खुल सकती हैं। विभाग 300 कर्मचारी आउटसोर्स से जुटाने जा रहा है। इनकी तैनाती दुकानों में की जाएगी।
जिले में एक समूह की दुकान का टेंडर हुआ है। एक में धरोहर राशि जमा नहीं की गई है। वही एक समूह के लिए तय धरोहर राशि से कम जमा की गई। इसलिए उन्हें दुकान संचालन की अनुमति नहीं दी गई। आगामी समय में फिर से टेंडर किए जाएंगे। इसके अलावा शेष दुकानों का संचालन विभाग करेगा।
एसएन दुबे, सहायक आयुक्त, आबकारी विभाग