रेलवे में हडक़म्प, जबलपुर रेलवे स्टेशन पर भारी सुरक्षा बल तैनात, सेना के जवान भी पहुंचे
जबलपुर। दानापुर-पुणे सुपरफास्ट एक्सप्रेस में हथियारों से लैस आतंकवादियों के बैठे होने की खबर से शनिवार को रेलवे में हडक़म्प मच गया। सूचना आते ही जबलपुर रेलवे स्टेशन पर अलर्ट घोषित कर दिया गया। चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया। आनन-फानन में भारतीय सेना के जवान भी स्टेशन पर पहुंच गए। ट्रेन के आते ही सर्चिंग का दौर शुरू हो गया, अफरा-तफरी के माहौल में ट्रेन की बोगियों की जांच की गई, लेकिन अंत में जो सच सामने आया उसे देख और सुनकर पुलिस व आर्मी के जवान हैरान रह गए। राज यह सामने आया कि बर्थ को लेकर हुए विवाद में एक आर्मी पर्सन से रेलवे को यह गलत सूचना दी थी। स्टेशन पर अभी पूछताछ व कार्रवाई जारी है।
कॉल आते ही हडक़म्प
जानकार सूत्रों के अनुसार दोहपर करीब पौने एक बजे किसी यात्री ने जीआरपी के फोन नंबर पर सूचना दी कि ट्रेन क्रमांक-12150, दानापुर-पुणे सुपरफास्ट एक्सप्रेस गाड़ी की बोगी क्रमांक एस-5 के बर्थ क्रमांक - 31 में आसपास कुछ आतंकवादी बैठे हुए हैं। उनके पास घातक हथियार हैं। उनकी गतिविधियों से लोग डरे-सहमे हुए हैं। इस कॉल के बाद रेलवे में हडक़म्प मच गया। तुरंत जीआरपी और आरपीएफ का बल रेलवे स्टेशन पर तैनात कर दिया गया। सूचना पर आर्मी के जवान भी रेलवे स्टेशन पर पहुंच गए और सभी ने मोर्चा सम्हाल लिया।
ट्रेन पहुंचते ही जांच शुरू
दोपहर करीब सवा बजे जैसे ही दानापुर-पुणे सुपरफास्ट एक्सप्रेस जबलपुर रेलवे स्टेशन पर पहुंची। पुलिस ने उसे हर तरफ से घेर लिया। चप्पे-चप्पे पर पुलिस की तैनाती देख यात्री सहम गए। अफरा-तफरी जैसा माहौल बन गया। जीआरपी, आरपीएफ व आर्मी के जवान ट्रेन की जांच करते हुए बोगी क्रमांक में पहुंचे, पूछताछ शुरू की, इसके बाद जो सच सामने आया उसे सुनकर वे हैरान रह गए।
फिर ये खुला राज
जीआरपी थाना प्रभारी वीरेन्द्र सिंह के अनुसार ट्रेन की जांच व पूछताछ में पता चला कि कोच एस- 5 की बर्थ क्रमांक 31 में एक आर्मी पर्सन परिवार सहित यात्रा कर रहा था। भारी भीड़ के चलते कुछ यात्री उनकी बर्थ में बैठ गए। इस बात को लेकर आर्मी पर्सन व यात्रियों के बीच कहा-सुनी हो गई। इस बीच आर्मी पर्सन ने जीआरपी के कंट्रोल में कॉल कर दिया कि कोच में आतंकवादी बैठे हुए हैं। इसको लेकर रेलवे के अधिकारी सकते में आ गए। आर्मी पर्सन का नाम शारदा नंद कुमार बताया गया है, वह एमईएस का सदस्य यानी फौजी है। उपनिरीक्षक एसआर सिंह, उपनिरीक्षक ए.के.राय, सउनि आईएन बघेल व हमराह स्टाफ शारदा नंद कुमार से पूछताछ की तो उसने बताया कि जिन आतंकवादियों की सूचना दी गई थी, वे सतना रेलवे स्टेशन पर उतर गए हैं। बाद में जीआरपी व आरपीएफ की टीम ने अन्य सहयात्रियों के बयान लिए तो उन्होंने बताया कि बर्थ को लेकर शारदा नंद का विवाद कुछ यात्रियों से हो गया था। इसलिए उसने उन्हें आतंवादी बताते हुए जीआरीपी को गलत जानकारी दी थी। यह सुनकर पुलिस अधिकारी हैरान रह गए। बताया गया है कि पूछताछ के दौरान शारदा नंद कुमार ने टॉयलेट में छिपने का भी प्रयास किया था। अधिकारियों ने शारदा नंद कुमार को जमकर फटकार लगाई। अंत में जांच व पूछताछ के बाद ट्रेन को गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया है। घटनाक्रम की वजह से ट्रेन कुछ विलम्ब से रवाना हो पायी। स्टेशन पर अब हालात सामान्य हैं।