आतंकियों को बेच दी सेना की एके-47, इस पार्टी के नेता ने भी खरीदीं दर्जनभर
जबलपुर। सेंट्रल ऑर्डनेंस डिपो (सीओडी) से पाट्र्स के रूप में चुराई गईं एके-47 रायफल तस्करों को बेचकर सीओडी में सीनियर स्टोर मैनेजर सुरेश ठाकुर ने भी खूब प्रॉपर्टी बनाई है। क्राइम ब्रांच को उसके नाम की जिले में साढ़े चार एकड़ जमीन मिली है। डायरी में दर्ज रेकॉर्ड से इस तथ्य का भी खुलासा हुआ कि उसने नोटबंदी के दौरान 25 प्रतिशत कमीशन पर अलग-अलग लोगों से नोट बदलवाए थे। सोमवार को गोरखपुर व क्राइम ब्रांच ने रिमांड समाप्त होने के बाद सुरेश ठाकुर और पंचशील नगर निवासी रिटायर्ड पुरुषोत्तम को कोर्ट में पेश किया। वहां से दोनों को जेल भेज दिया गया।
क्राइम ब्रांच एएसपी शिवेश सिंह बघेल ने बताया कि सुरेश के न्यूराम नगर अमखेरा स्थित घर से जमीन के दस्तावेज मिले हैं। इसे उसने 2015-16 में खरीदा है। हालांकि, सुरेश ने इसे महज आठ लाख रुपए में खरीदने की बात स्वीकार की है। सुरेश ठाकुर की डायरी में मिले पांच नम्बर सीओडी में कार्यरत कर्मचारियों के हैं। सभी को क्राइम ब्रांच में बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस भेजा गया है। नोटबंदी में 25 प्रतिशत कमीशन लेकर नोट बदलवाने वाले दो लोगों के बयान सोमवार को दर्ज हुए। क्राइम ब्रांच ने आयकर विभाग से भी उसके द्वारा भरे गए आयकर रिटर्न की जानकारी मांगी है।
news facts-
सीओडी से एके-47 रायफल चोरी करने का मामला
रिमांड समाप्त होने के बाद जेल गया सुरेश और पुरुषोत्तम
स्टोर मैनेजर सुरेश के नाम मिली साढ़े चार एकड़ जमीन
सीओडी के अधिकारी नहीं दे रहे जानकारी
क्राइम ब्रांच ने सीओडी को पांच सितम्बर को ही पत्र लिखकर 2008 से अभी तक एके-47 रायफल वाले गोदाम के प्रभारी अधिकारी, रेकॉर्ड का निरीक्षण करने वाले अधिकारी और सुरक्षा अधिकारी के नाम की सूची मांगी थी। 16 अगस्त को सीओडी में सुरेश ठाकुर की कार से एके-47 के कौन से पाट्र्स जब्त हुए हैं? वे किस हथियार के थे और उसकी उपयोगिता क्या थी? अभी तक एक भी जानकारी सीओडी की तरफ से उपलब्ध नहीं कराई गई है।
एके-47 रायफल से जुड़ी खबर की कटिंग
रविवार को सुरेश ठाकुर के घर की सर्चिंग में उसकी डायरी से अखबार की कतरन भी मिली। उसमें एके-47 के साथ मुंगेर में इमरान की गिरफ्तारी की खबर प्रकाशित हुई थी। क्राइम ब्रांच को सुरेश से पूछताछ में जानकारी लगी है कि सीओडी में उसके जैसे दूसरे लोग भी हैं, जो इस तरह गोदाम से हथियार चुराकर बेच रहे हैं। इसमें इंसास सहित एसएलआर बेचे जाने की चर्चा उसने उन कर्मियों से सुनने का दावा किया है।
गौर नदी में फिर पाट्र्स तलाशने पहुंची थी टीम
कोर्ट में पेश करने से पहले क्राइम ब्रांच की टीम पुरुषोत्तम को लेकर एक बार फिर गौर नदी पहुंची थी। एक सितम्बर को उसके फेंके गए एके-47 के पाट्र्स को पुल के दोनों तरफ दूर तक मैग्नेट डालकर तलाशा गया। तेज बहाव के चलते टीम को पाट्र्स नहीं मिले।