जबलपुर शहर में रिकवरी रेट में आया सुधार, कोरोना से जंग जीतने वाले व्यक्तियों की संख्या पांच हजार पार
जबलपुर। कोरोना का कहर जबलपुर शहर में भी जारी है। महीने दर महीने पॉजिटिविटी रेट में इजाफा हो रहा है। हालांकि, इस बीच राहत वाली खबर है कि इस महीने रिकवरी रेट में सुधार आया है। जिस तेजी से संक्रमण का प्रसार हो रहा है, उसके साथ ही कोरोना से जंग जीतने वाले भी बढ़े हैं। रविवार को कोरोना से स्वस्थ होने वालों की संख्या पांच हजार पार कर गई है। जानकारों के अनुसार कोरोना संक्रमण को लेकर सतर्क और पॉजिटिव होने के बाद संयम रखने वाले मरीजों की हालात में लगातार सुधार आ रहा है। लेकिन, बाजार-सड़कों में बढ़ती भीड़ और सावधानी में लापरवाही से संक्रमित होने का खतरा ज्यादा बढ़ गया है।
88 वर्ष की वृद्धा, कैंसर पीडि़त स्वस्थ
कोरोना ज्यादा उम्र और गम्भीर रोगों से पीडि़त व्यक्तियों को ज्यादा नुकसान पहुंचा रहा है। लेकिन, संक्रमण की जल्दी पहचान होने पर वृद्ध से लेकर गम्भीर रोगों से पीडि़त कोरोना मरीज भी स्वस्थ होकर घर लौट रहे है। नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में शहर सहित अंचल के कोरोना के 60 वर्ष से ज्यादा उम्र वाले और गम्भीर मरीज भर्ती हो रहे है। डॉक्टर्स के अनुसार कोविड मरीजों में 88 वर्षीय वृद्धा से लेकर कैंसर, हृदय सम्बंधी गम्भीर बीमारियों से पीडि़त मरीज भर्ती हुए। इनमें संक्रमण की जल्दी पहचान होने पर समय पर उपचार शुरु हो पाया। जरूरी देखभाल मिलने मरीज उपचार के बाद स्वस्थ्य हुए। संक्रमण छिपाने और देर से अस्पताल आने पर मरीज की हालत गम्भीर बन रही है।
मरीज से फोन पर डॉक्टर ले रहे फीडबैक
मेडिकल में सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में भर्ती गम्भीर कोरोना मरीजों के उपचार और अन्य व्यवस्था पर अब डीन से लेकर सीनियर डॉक्टर अपने-अपने स्तर पर फीडबैक ले रहे हैं। कोविड वार्ड में भर्ती कुछ मरीजों को अलग-अलग डॉक्टर नियमित रुप से मोबाइल पर वीडियो कॉल कर रहे हैं। उनके सेहत पर वीडियो कॉल से नजर रख रहे है। वार्ड स्टाफ के कामकाज की रिपोर्ट भी ले रहे है। बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए डीन डॉ. पीके कसार ने भी रविवार से मरीजों से मोबाइल के जरिए संवाद करके व्यवस्था का जायजा लिया। अधिकारियों की पहल से कोविड वार्ड में मरीजों को देखभाल को बेहतर बनाया जा रहा है।