new year 2026 : वर्ष 2026 नई उम्मीदें लेकर आएगा। लोग चाहते हैं कि शहर नया दिखे। रोजगार के साधन बढें। उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए युवाओं को दूसरे शहरों का रुख नहीं करना पडे़। नर्मदा पार नए शहर की इबारत लिखी जाए।
new year 2026 : वर्ष 2026 नई उम्मीदें लेकर आएगा। लोग चाहते हैं कि शहर नया दिखे। रोजगार के साधन बढें। उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए युवाओं को दूसरे शहरों का रुख नहीं करना पडे़। नर्मदा पार नए शहर की इबारत लिखी जाए। पुराने प्रोजेक्ट पूरे हों ताकि उसका लाभ आम आदमी को मिले। नई रेलगाड़ी और देश के बडे़ शहरों तक एयर कनेक्टिविटी की उम्मीद यात्री कर रहे हैं। इस साल रिंग रोड का बड़ा भाग पूरा हो जाएगा। गीता भवन की शुरूआत होगी। जबलपुर रेलवे स्टेशन का उन्नयन की शुरूआत होगी। आम जनता के साथ अधिकारी और जनप्रतिनिधियों ने मिलकर शहर को बेहतर बनाने का संकल्प लिया है।
नए साल की उमंग हर किसी के मन मे रहती है। हर आदमी एक नई आशा और संकल्प के साथ आदमी एक जनवरी के दिन की शुरूआत करता है। जबलपुर कई मामलों में आगे बढ़ चुका है। हालांकि अभी पूरे सपने पूरे नहीं हुए हैं। एक साल के भीतर कुछ नया मिले इसकी उम्मीद लोग कर रहे हैं। रेलवे, सड़क, शिक्षा व्यवस्था, नए भवन बने इसके लिए विभागों को मिलकर काम करना होगा। इधर उद्योगों की स्थापना में नया निवेश आने की उम्मीद है। हरगढ़ और उमरिया-डुंगरिया औद्याेगिक का उन्ननयन और विस्तार होगा। आयुध निर्माणियों में नई भर्तिया मिलें। स्वच्छ सर्वेक्षण में जबलपुर को आगे ले जाने का प्रयास होगा। इसी प्रकार वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए भी प्रयास किए जाने चाहिए।
इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में शहर को कई सौगातें मिल सकती हैं। नर्मदा पर निर्माणाधीन सरस्वतीघाट पुल व लम्हेटा में बन रहे केबल स्टे ब्रिज का निर्माण पूरा हो जाएगा। इससे यातायात सुगम होगा। नर्मदा पार के 50 गांवों में विकास को गति मिलेगी। 20 किमी का फेरा कम होगा। अनछुए पौराणिक, धार्मिक पर्यटन स्थलों तक पर्यटक पहुंच सकेंगे। इससे समय व ईंधन की बचत होगी।
रिंग रोड फेस 1 में बरेला बायपास से एकता मार्केट और मानेगांव से मंगेली तक फोरलेन सड़क का निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। इस फेस में नर्मदा पर निर्माणाधीन 1 किलोमीटर लंबे पुल का निर्माण रह जाएगा। इस फेस में 652 करोड़ की लागत से 16 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण किया जा रहा है। इसमें 3 मेजर ब्रिज व 4 अंडरपास भी शामिल हैं।
नर्मदा के लम्हेटी क्षेत्र में देश के पहले जियोलॉजिकल पार्क का निर्माण स्वीकृत किया गया है। लम्हेटा-भेड़ाघाट के बीच 10 एकड़ में 35 करोड़ की लागत से निर्माण शुरू हो जाएगा। भविष्य में पर्यटक दुुनिया की सबसे प्राचीन चट्टानों के बनने के रहस्यों से लेकर डायनासोर के जीवन और उनके विलुप्त होने तक का सच जियो पार्क में जान सकेंगे।
new year 2026 : तारामंडल व रीजनल साइंस सेंटर
भेड़ाघाट में तारामंडल व रीजनल साइंस सेंटर स्थापित होना है, इसका भूमि पूजन हो चुका है। भड़पुरा में 7 एकड़ जमीन पर 33 करोड़ की लागत से संभवत: जल्दी ही तारामंडल व रीजनल साइंस सेंटर का निर्माण शुरू होगा।
दुनिया को स्वर्गद्वारी में नर्मदा के अप्रतिम सौंदर्य का दीदार कराने शीशे के ब्रिज का निर्माण किया जा रहा है। पर्यटन विकास निगम के अनुसार जल्दी ब्रिज बनकर तैयार हो जाएगा। इसके बाद पर्यटक इस पर आवाजाही कर सकेंगे। 3 मीटर चौड़े वॉक वे में पारदर्शी ग्लास की तीन परत होंगी।