जबलपुर

रातों रात बदल गई ग्वारीघाट की तस्वीर

जबलपुर में नर्मदा गौ कुम्भ 24 फरवरी से

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gwarighat preapretion of kumbh

जबलपुर, नर्मदा गौ कुम्भ में कारीगरों के दल ने यज्ञशालाओं को आकार देना शुरू कर दिया है। पांच और दो मंजिला चार यज्ञ शालाएं बनाई जा रही है। वहीं साधु संतों के आवास स्थल, मंदिर, प्रतिमा व शिवलिंग निर्माण के कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। प्रशासन, नगर निगम एवं यज्ञ आयोजन समिति के लोग युद्ध स्तर पर तैयारियों में जुट गए हैं।यज्ञ स्थल को सजाने का कार्य शुरू हो गया है। चित्रकारों का दल गीताधाम से ग्वारीघाट और झंडा चौक के क्षेत्रों में भक्ति और संस्कृति के चित्रों को उकेर रहा है। वहीं सोमवार को झंडा चौक में सजावट शुरू हो गई। आयोजन के 12 दिन पहले ही ग्वारीघाट की सड़क जगमगाने लगी है।

नर्मदा तट पर तीन दिन जीवंत होगी कला एवं संस्कृति
ग्वारीघाट के नर्मदा तट पर खुले आसमान के नीचे १६ फरवरी से चित्रकला प्रतियोगिता शुरू होगी। तीन दिन अलग-अलग वर्गों की स्पर्धा में दोपहर 12 से तीन बजे तक चित्रों में नर्मदा तटों का अध्यात्मिक इतिहास और प्राकृतिक सौंदर्य जीवंत होगा। मां नर्मदा और भगवान शिव के महिमा मंडन के साथ गौ संवर्धन भी प्रेरणा भी चित्रों से प्राप्त होगी।स्पर्धा में विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार मिलेगा और चयनित किए चित्रों को कुम्भ मेला की प्रदर्शनी में दर्शनार्थ लगाया जाएगा। कुम्भ मेला क्षेत्र की प्रदर्शनी में कला एवं संस्कृति की समृद्ध विरासत नजर आएगी।
नगर निगम की ओर से फाइन आर्ट शिक्षिका डॉ. शैलजा सुल्लेरे एवं शिक्षा अधिकारी बीना वर्गीस को चित्र कला प्रतियोगिता का दायित्व सौंपा गया है। 16 फरवरी को स्कूल एवं 17 फरवरी को कॉलेज स्तर के छात्र-छात्राएं हुनर दिखाएंगे। जबकि, अंतिम दिन 18 फरवरी को स्वतंत्र कलाकार चित्र बनाते नजर आएंगे। स्वतंत्र कलाकार श्रेणी में 31 हजार एवं दो अन्य श्रेणी में 21 हजार रूपए प्रथम पुरस्कार का निर्धारण किया गया है।

मप्र शासन की ओर से आयोजित नर्मदा गौ कुम्भ में मप्र संस्कृति विभाग के अधिकारी तैयारियों में योगदान दे रहे हैं। मेला की तैयारियां पूरी कराने के लिए भोपाल के विशेषज्ञों की टीम मंगलवार को आयोजन स्थल पर जाएगी। नगर निगम के अपर आयुक्त रोहित सिंह कौशल के अनुसार विभिन्न आयोजनों की जानकारी सम्बंधित शाखाओं के अधिकारियों को दी गई है। नर्मदा गौ कुम्भ में 24 फरवरी को संतों की पेशवाई होगी। उसके पहले मेला में स्थानीय एवं दूर दराज के दुकानदारों एवं झूला लगाने वालों वालों को भूमि आवंटित की जाएगी। नगर निगम की ओर से मेला की रूपरेखा के अनुसार पेयजल एवं अन्य व्यवस्थाएं की जा रही है।

Published on:
10 Feb 2020 10:41 pm
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