
जबलपुर। शहर में झोला छाप चिकित्सकों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई जारी है। शनिवार को शहर के संजीवनी नगर थाने में पांचवीं एफआईआर दर्ज कराई गई। अंधमूक बायपास स्थित पूर्व भाजपा ग्रामीण अध्यक्ष के मकान में क्लीनिक खोल कर डॉ एके साहू प्रतिबंधित एलोपैथी दवाएं लिख रहा था। कोरोना संक्रमण के बीच में यह लोगों को सदी-जुकाम और बुखार की दवाएं दे रहा था। सीएमएचओ द्वारा गठित कमेटी की संस्तुति पर शनिवार को संजीवनी नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई गई।
शहर के 13 चिकित्सकों की जांच हुई थी-
पुलिस के अनुसार विक्टारिया अस्पताल में पदस्थ जिला मीडिया अधिकारी डॉ. अजय कुरील ने शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि सीएमचओ के निर्देश पर जिले में झोला छाप चिकित्सकों के खिलाफ जांच के लिए उनके अलावा डॉ राधा वल्लभ चौधरी और डॉ. धीरज दवंडे की कमेटी गठित हुई थी। कमेटी ने 13 चिकित्सकों की जांच की थी। अब तक चार एफआईआर गोरखपुर, गढ़ा, घमापुर व माढ़ोताल में दर्ज कराया जा चुका है। इसी क्रम में कमेटी ने 24 फरवरी और 10 अप्रैल को मिली दो शिकायतों पर डॉ. एके साहू साहू की क्लीनिक पर जांच करने गई थी।
बिना पंजीयन क्लीनिक का संचालन, डिग्री भी नहीं-
डॉ. साहू की क्लीनिक संचालित करने का कोई लाइसेंस नहीं लिया है और न ही उनके द्वारा अपने चिकित्सा व्यवसाय से सम्बंधित कोई डिग्री या डिप्लोमा व पंजीयन ही कमेटी को प्रस्तुत किया गया। कमेटी ने उनके क्लीनिक से दो मरीजों के पर्चे भी जब्त किए थे, जिसमें प्रतिबंधित ऐलोपैथी सदी-जुकाम व बुखार की दवाएं लिखी गई थीं। पुलिस ने उनके खिलाफ धोखाधड़ी सहित बिना पंजीयन क्लीनिक संचालित करने व अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया।