
जबलपुर। कोरोना की पहली लहर के बाद जबलपुर संक्रमण से बचाव को लेकर लोगों के सावधानी बरतने के बेहतर नतीजे आए हैं। सितम्बर में कोरोना पीक के बाद अक्टूबर में कोविड पॉजिटिविटी रेट कम हुआ है। अगस्त के मुकाबले सितम्बर में जितने मरीज बढ़े थे, अब करीब उतने ही अक्टूबर में घट गए हैं। हालांकि, कोरोना से मौत का सिलसिला जारी है। अक्टूबर में 31 दिन में 52 लोगों ने संक्रमण से जान गंवाई। कोरोना मृत्यु दर कुल औसत अक्टूबर में बढ़ा है। नए कोरोना मरीजों के लिहाज से संक्रमण काबू में नजर आता देख लोगों की बचाव के तरीके अपनाने में लापरवाही बढ़ रही है।
जिले में कोरोना
माह: पॉजिटिविटी रेट : डेथ रेट
अप्रैल- 00 : 1.19
मई - 3.58 : 3.77
जून- 3.21 : 3.46
जुलाई- 4.38 : 2.22
अगस्त- 6.10 : 1.94
सितम्बर- 9.10 : 1.50
अक्टूबर- 8.11 : 1.58
काबू में आ रहा कोरोना
सितम्बर माह की स्थिति
-200 की औसत से प्रतिदिन नए कोरोना केस मिल रहे थे
- 251 संक्रमित 20 सितम्बर को अभी तक में सबसे अधिक
- 69 कोरोना संक्रमित की उपचार की दौरान मौत हुई है
अक्टूबर माह की स्थिति
- 50 मरीज की औसत से कोरोना नए केस सामने आए
- 28 मरीज मिले जो पीक के बाद एक दिन में सबसे कम
- 52 कोरोना संक्रमित की मौत इस माह रेकॉर्ड की गई
आदत में लापरवाही ठीक नहीं
शहर में कोरोना की चेन कमजोर पडऩे के साथ लापरवाही पर प्रशासन की सख्ती भी कम हुई है। अब लोग मास्क पहनने, दो गज की दूरी और हाथ साफ रखने जैसे कोरोना से बचाव के प्राथमिक उपायों को भुला रहे हैं। बाजारों में बढ़ती भीड़ सोशल डिस्टेंसिंग तोड़ रही है। कोरोना से बचाव के लिए मास्क लगाने को आदत बनाए रखने में लापरवाही बरत रहे हैं। त्योहारों के दौरान जगह भीड़ और बिना मास्क के लोगों के घूमने से संक्रमण के फैलाव का खतरा बढ़ा है। जानकारों का मानना है कि आने वाले त्योहारों में भी लापरवाही होने पर संक्रमण बेकाबू होने की आशंका है।
ठंड को लेकर अभी से तैयारियां शुरू
कोरोना के अभी तक दूसरे देशों में ट्रेंड को देखते हुए शहर में नवम्बर के आखिरी से जनवरी के बीच शहर में संक्रमण की दूसरी लहर की आशंका है। ठंडे मौसम में कोरोना संक्रमण का फैलाव तेजी से देखा गया है। मौसम में परिवर्तन के बीच लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होगी। इसी दौरान दूसरी लहर के अटैक और लोगों के सावधानी बरतने में ढिलाई से संक्रमण की स्थिति विस्फोटक होने का विशेषज्ञ आकलन कर रहे हैं। जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रत्नेश कुररिया के अनुसार ठंड के मौसम में कोरोना संक्रमण के फैलाव की सम्भावना को देखते हुए आइसीयू औरऑक्सीजन बेड की संख्या और बढ़ाने पर लगातार काम कर रहे हैं। स्वास्थ्य व्यवस्था के साथ ही लोगों को सावधानी रखना बेहद जरूरी है।