हाईकोर्ट ने कहा, दमोह नगर पालिका की ओर से किए जा रहे सामुदायिक भवन के निर्माण का मामला
जबलपुर . मप्र हाईकोर्ट ने एक फैसले में कहा कि जिसकी जमीन है, वही उस जमीन पर होने वाले निर्माण के सम्बंध में कोई दावा या आपत्ति कर सकता है। चीफ जस्टिस मोहम्मद रफीक व जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की डिवीजन बेंच ने इस मत के साथ दमोह में क्रिश्चियन मिशनरी की जमीन पर नगर पालिका द्वारा किए जा रहे निर्माण के खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी।दमोह निवासी अनुराग हजारी की ओर से जनहित याचिका दायर कर कहा गया कि दमोह नगर पालिका क्रिश्चियन मिशनरी की जमीन पर सामुदायिक भवन का निर्माण कार्य कर रही है। अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय ने तर्क दिया कि नगर पालिका की ओर से जमीन आवंटन के लिए कलेक्टर को आवेदन दिया गया है, लेकिन अभी कलेक्टर ने जमीन का आवंटन नहीं किया है। इस मामले में क्रिश्चियन मिशनरी की ओर से आपत्ति भी दर्ज कराई गई। अंतिम सुनवाई के बाद कोर्ट ने याचिका निरस्त कर दी। चीफ जस्टिस मोहम्मद रफीक व जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की डिवीजन बेंच ने इस मत के साथ दमोह में क्रिश्चियन मिशनरी की जमीन पर नगर पालिका द्वारा किए जा रहे निर्माण के खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी।