दो सेक्शन के बीच दौड़ेंगी एक से ज्यादा ट्रेनें, यात्रियों को राहत, समय बचेगा-ट्रेनें बढ़ेंगी जबलपुर रेल मंडल : ट्रैक के पास होगा कंप्यूटराइज्ड एक्सेल काउंटर का निर्माणजबलपुर . रेलवे प्रबंधन जबलपुर मंडल के ट्रेक सिस्टम को आधुनिक कम्प्यूटराइज्ड सिंग्लिंग सिस्टम से जोड़ेगा। इससे रेलवे के दो सेक्शनों के बीच लाइन पर एक समय में तीन गुना ज्यादा ट्रेनें दौड़ सकेंगी। इससे ट्रेनों की टाइमिंग कम होगी। यात्रियों का समय भी बचेगा।
जबलपुर रेल मंडल में इस आधुनिक सिस्टम को मंजूरी प्रदान कर दी गई है। जबलपुर रेल मंडल के करीब 510 किलोमीटर के हिस्से में ट्रैक के पास कंप्यूटराइज्ड एक्सेल काउंटर का निर्माण किया जाएगा। यह सिस्टम एक्सेल को डिटेक्ट कर कंट्रोल को भेज देगा। कम्प्यूटराइज्ड सिस्टम के माध्यम से यह पता चल जाएगा की कितने एक्सेल जा चुके हैं कितने सेक्शन के अंदर शेष हैं।
यह है एक्सल काउंटर बॉक्स
रेल की पटरी के किनारे पर लगने वाले अलमारीनुमा बॉक्स को एक्सल काउंटर बॉक्स कहा जाता है। ये हर 3 से 5 किलोमीटर की दूरी में लगे होते हैं। इसका यात्रियों की सुरक्षा से सीधा संबंध है। इस बॉक्स के अंदर एक स्टोरेज डिवाइस लगी होती है। यह पटरी से जुड़ी होती है। ये ट्रेन के एक्सल को काउंट करता है। एक्सल ट्रेन की बोगी के दो पहियों को जोड़कर रखता है। ये डिवाइस इसी एक्सल की गिनती करता है।
जांच में मिलती है मदद
अगर ट्रेन किसी हादसे का शिकार हो जाती है और इसके कुछ डिब्बे अलग हो जाते हैं तो यह एक्सल काउंटर बॉक्स उस ट्रेन के गुजरने पर यह बता देता है कि उसमें कितनी पहियों की संख्या कम है। रेलवे को हादसे के बाद जांच करने में काफी मदद मिलती है।
अभी दो सेक्शन के बीच एक ट्रेन
फिलहाल एक ट्रेक पर दो सेक्शन के बीच एक ट्रेन चलती है। यानी दो सेक्शन के बीच जब तक रेलपथ क्लियर नहीं होता, तब तक दूसरी ट्रेन को सिंग्नल नहीं दिया जाता है। यह दूरी करीब 10 किलोमीटर की होती है। नई व्यवस्था से इस पथ पर तीन ट्रेनों को आसानी से दौड़ाया जा सकेगा। इससे ट्रेनों की संख्या में वृद्धि होगी।
50 स्टेशनों में व्यवस्था
रेलवे एक्सेल काउंटर की व्यवस्था करीब 50 स्टेशनों में करेगा। इसके लिए पश्चिम मध्य रेलवे के तकनीकी अधिकारियों की टीम ने निरीक्षण कर लिया है। जबलपुर रेल मंडल के अंतर्गत इटारसी से मानिकपुर के बीच करीब 510 किलोमीटर रेल ट्रेक में इस सिस्टम को तैयार किया जाएगा। इस पूरे कार्य में 480 करोड़ रुपए खर्च होंगे। अभी तक इस तरह की व्यवस्था रेल मंडल में मालखेड़ी और बघोरा स्टेशन के बीच है।
वर्जन
रेल लाइन की कैपेसिटी बढ़ाने के लिए काम किया जा रहा है। नई व्यवस्था से एक सेक्शन में तीन गुनी ट्रेनों को चला सकेंगे। इससे समय की बचत होगी। इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर दिया गया है।
विराट गुप्ता, सीनियर डीएसटीई, पमरे
-------
यह होगा फायदा
-ट्रेनाें के समय में आएगी कमी
-सुरक्षा और संरक्षा में होगी वृद्धि
-ट्रेनों का विस्तार
-बेवजह नहीं ट्रेनों को नहीं रोका जाएगा
-------
जबलपुर रेल मंडल
-57 स्टेशन
-510 किलोमीटर रेलवे ट्रेक
-125 ट्रेनों का संचालन