
jabalpur news:एमपी के जबलपुर शहर में एक बिल्डर और उसके दो साथियों ने दूसरे की जमीन को अपनी बताकर महिला से सौदा किया और उससे 34 लाख 60 हजार रुपए हड़प लिए। महिला को जब न जमीन मिली और न रुपए वापस मिले तो उसने माढ़ोताल पुलिस से शिकायत की। जांच के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया है।
पुलिस ने बताया कि दमोह जबेरा निवासी सावित्री अहिरवार (35) की मुलाकात बिल्डर महेंद्र दुबे और विवेक साहू के जरिए विजय नगर निवासी संजू ठाकुर से हुई थी। संजू ने सावित्री को बताया कि औरिया गांव में उसका 3471 वर्गफीट का प्लॉट है, जिसे वह बेचना चाहता है। बातचीत के बाद प्लॉट का सौदा 31 लाख रुपए में तय हुआ। संजू ने सावित्री के नाम जमीन की रजिस्ट्री भी कर दी। पूरी प्रक्रिया में सावित्री के कुल 34 लाख 60 हजार रुपए खर्च हुए।
पास एक वर्ष 2023 में सावित्री के नोटिस पहुंचा। नोटिस से उसे पता चला कि जिस जमीन को उसने खरीदा है, वह पूनम गोयल की है और जमीन पर पहले से ही एग्रीमेंट हो चुका है। महिला ने मामले की जानकारी जुटाई तो फर्जीवाड़े का पता चला। महिला को यह भी पता चला कि पूनम काम के सिलसिले में मुंबई में रहने लगी थी, इसका फायदा उठाकर संजू ने एक महिला को फर्जी पूनम गोयल बनाया और प्लॉट की रजिस्ट्री अपने नाम करा ली। जिसके बाद वही प्लॉट उन्हें बेचा गया। जांच के बाद माढ़ोताल पुलिस ने संजू, महेंद्र और विवेक के खिलाफ एफआइआर दर्ज की।
एक अन्य मामले में साइबर ठगों ने दो लोगों को सवा लाख रुपए की चपत लगा दी। दोनों मामलो में एफआइआर दर्ज की गई। माढ़ोताल पुलिस ने बताया कि शारदा नगर करमेता निवासी पुरुषोत्तम पटेल (46) के वॉट्सऐप पर बिजली कम्पनी का मैसेज आया। जिसमें बिल जमा न होने और डिस्कनेक्श की बात लिखी थी।
मैसेज में एक लिंक भी था, जिसे बिजली कम्पनी का लिंक बता एप डाउनलोड कर बिल जमा करने के निर्देश दिए गए। पुरुषोत्तम ने ऐप खोला तो उसके क्रेडिट कार्ड से 86 हजार 267 रुपए एक बैंक में ट्रांसफर हो गए। वहीं भेड़ाघाट पुलिस ने बताया कि तेवर निवासी सुनील कुमार रैकवार (30) नगर निगम में प्राइवेट काम करता है। उसका फोन ऑटोमैटिक अपडेट हुआ और कुछ देर बार उसके अकाउंट से 39 हजार रुपए दूसरे अकाउंट में क्रेडिट हो गए।