
dilapidated schools are not being repaired
जबलपुर. जिले के नौनिहालों के लिए स्कूल भवन सुरक्षित और बेहतर बनाने के सरकारी दावे जमीनी हकीकत के आगे दम तोड़ रहे हैं। खनिज प्रतिष्ठान मद से दर्जनों स्कूलों के निर्माण और मरम्मत को स्वीकृति मिलने के बावजूद राशि जारी नहीं होने से काम अटके पड़े हैं। जहां काम शुरू हुआ, वहां भी रफ्तार इतनी सुस्त है कि बच्चों को जर्जर भवनों के बीच पढ़ाई करने की मजबूरी बनी हुई है। 64 स्कूल भवनों की मरम्मत के लिए 142.72 लाख रुपए स्वीकृत किए गए थे, लेकिन अब तक राशि जारी नहीं हो सकी। वहीं 28 स्कूलों में 2 करोड़ 7 लाख रुपए की लागत से 41 अतिरिक्त कक्ष बनाए जाने हैं, लेकिन इनका निर्माण भी शुरू नहीं हुआ है। 12 जीर्ण-शीर्ण स्कूल भवनों के स्थान पर नए भवन प्रस्तावित हैं, मगर इनके प्रस्ताव अब तक राज्य शिक्षा केंद्र में लंबित हैं।
इसके अलावा 42 स्कूलों में मेजर रिपेयरिंग होनी है। प्रशासकीय स्वीकृति मिलने के बाद भी मामला आगे नहीं बढ़ा। जिले में कुल कार्यों में से 19 भवनों का काम पूरा हो चुका है, जबकि 16 काम अब भी अधूरे पड़े हैं। सरकारी फाइलों में स्वीकृति और योजनाओं की लंबी सूची है, लेकिन स्कूलों में बच्चों के सिर पर जर्जर छत और बदहाल दीवारें सवाल खड़े कर रही हैं। करोड़ों की योजनाएं मंजूरी की चौखट से आगे नहीं बढ़ पा रहीं और जिम्मेदार महकमा कागजी कार्रवाई में उलझा है।
MP Educaton बता दें कि जिले के चार स्कूल ऐसे हैं जहां पर नवीन भवन बनने हैं। शासकीय माध्यमिक शाला लोढ़ी में 18.25 लाख रुपए, शासकीय प्राथमिक शाला पुरवा नंबर-2 में 43.26 लाख रुपए, शासकीय माध्यमिक शाला गोविंदगंज के लिए 51 लाख रुपए औश्र शासकीय माध्यमिक शाला खापाग्वारी के लिए 51 लाख रुपए से नवीन भवन तैयार होना है। इसी प्रकार ए-मॉनिट में निर्माण कार्य स्वीकृत हुए हैं। प्राथमिक शाला सिहोरा में 10.48 से अतिरिक्त कक्ष निर्माण, माध्यमिक शाला नकटिया में 15.18 लाख से अतिरिक्त कक्ष निर्माण,ख् प्राथमिक शाला गोकला में फर्शीकरण व पेवर ब्लॉक का काम 15 लाख रुपए, प्राथमिक शाला आमाखोह में 1 लाख रुपए से फर्शीकरण व पेवरब्लॉक, 5 लाख रुपए से प्राथमिक शाला नवरगां में पेवर ब्लॉक व प्रसाधन सहित 14.98 लाख रुपए से कुंडम में नवीन सभा भवन तैयार होना है।
दो करोड़ 49 लाख रुपए से जीर्ण-शीर्ण भवनों के स्थान पर नवीन भवन बनाए जाने का प्रस्ताव है। इनका प्रस्ताव राज्य शिक्षा केंद्र में लंबित है। पीएस दुर्गावती, रमखिरिया, पाटनकलां, झुंझ, डोंगर झांसी, घानाकलां में 18.25-18.25 लाख रुपए से नवीन भवन बनना है व इसके अलावा एमएस पड़वार, गंगई, कठौंदा सहित केवलारी में 18.25-18.25 लाख से नवीन भवन सहित 51 लाख रुपए से पीएस पाटनकला में नया भवन बनना है।
विभाग की परिसंपत्तियों के संधारण के लिए विशेष मरम्मत कार्य के लिए प्रस्ताव बना है। जिले के 64 संस्थानों में मरम्मत का कार्य 142.72 लाख रुपए से कराया जाना है। जानकर हैरानी होगी कि अभी तक इसके लिए राशि प्राप्त नहीं हुई है। इसी प्रकार जिला खनिज मद से 2026-27 में जर्जर भवनों व कक्षों के स्थान पर 2 करोड़ 70 लाख रुपए से नवीन 41 अतिरिक्त कक्षों का निर्माण कराया जाना है, लेकिन अभी तक ये काम शुरू नहीं हो पाए। खनिज मद से ही होने वाले प्राथमिक शाला पिपरिया खुर्द, माध्यमिक शाला बम्हनौदा के काम को निरस्त कर दिया गया है।
- 69.5 लाख रुपए से 25 स्कूलों में नवीन बालक प्रसाधन निर्माण की मिली है प्रशासकीय स्वीकृति।
- 22 बालक शौचालयों के निर्माझा के लिए 1 जुलाई को जारी हो चुकी है प्रशासकीय स्वीकृति।
-42 स्कूलों के मेजर रिपेयरिंग के लिए जुलाई को जारी हुई है प्रशासकीय स्वीकृति।
- 37 काम खनिज मद से चल रहे, जिनमें से 15 अभी भी आधे-अधूरे।
- 26.46 लाख रुपए 6 स्थानों में हुए है अतिरिक्त कक्ष का निर्माण, सभी कुंडम ब्लॉक के।
- 2025-26 में 37 नवीन भवन स्वीकृत हुए थे, जिनमें से 7 में नहीं शुरू हो पाया काम, 30 अभी भी अधूरे।
- 2026-27 में 2 नए भवन हुए हैं स्वीकृत, एक में भी नहीं शुरू हुआ काम, निर्माण एजेंसी आरइएस व ग्राम पंचायत।
- 2024-25 में 64 भवनों के मरम्मत की विशेष स्वीकृति, लेकिन 55 में नहीं शुरू हो पाया कोई काम।
- 2025-26 में 12 नवीन भवन निर्माण की स्वीकृति, लेकिन एक में भी नहीं शुरू हुआ काम।
- 2026-27 में 12 नवीन भवन, 6 एप्लस मॉनिट, एसएसए में 4 नवीन भवन में कहीं नहीं चालू हुआ काम।
- 2026-27 में 42 स्कूल भवन मरम्मत, 22 प्रसाधन और 25 नवीन बालक प्रसाधन निर्माण नहीं हुए शुरू।
जो काम खनिज मद से होना है उनमें कई स्वीकृतियों की राशि नहीं मिल पाने के कारण कई काम शुरू नहीं हो पाए हैं। ए प्लस मॉनिट के काम में खाते नहीं मिल पा रहे हैं। आरएसके से 64 भवनों के लिए शीघ्र राशि मिले इसके लिए संचालक आरएसके को पत्राचार किया गया है। मई मे भी पत्राचार हो चुका है। कुछ मामलों में बैंक खातों को लेकर समस्या आ रही है। जिनकी हाल ही में स्वीकृति मिली है वे काम भी शीघ्र शुरू कराए जाएंगे। जिनमें निर्माण शुरू हो गया है उनमें प्राथमिकता रहेगी कि गुणवत्ता के साथ समय पर कार्य पूर्ण हों।
Updated on:
15 Aug 2026 08:09 pm
Published on:
15 Aug 2026 08:08 pm
