जबलपुर

women health tips: बारिश में होती है हाईजीन की प्रॉब्लम्स, गर्ल्स लेडीज के लिए डॉक्टर बता रहीं सबसे अच्छे उपाए

बारिश में होती है हाईजीन की प्रॉब्लम्स, गर्ल्स लेडीज के लिए डॉक्टर बता रहीं सबसे अच्छे उपाए  

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Jul 24, 2020
women health tips

जबलपुर। मॉनसून या वर्षा ऋतु अत्यंत हर्षोल्लास का मौसम होता है। जिसमें कई सारे व्रत, तीज त्योहार भी आते हैं। परन्तु इस मौसम में कई प्रकार के रोगों का शिकार होने की संभावना बढ़ जाती है। खासकर महिलाओं व यंग गल्र्स को सबसे ज्यादा समस्याएं आती हैं। यदि बारिश के मौसम में कुछ सामान्य बातों का ध्यान रखा जाए तो किसी भी प्रकार की बीमारी से बचा जा सकता है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज जबलपुर में स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की सहायक प्राध्यापक डॉक्टर दीप्ति गुप्ता बारिश में होने वाली बीमारियों और उनसे बचाव के तरीके बता रही हैं।

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खान पान पर दें विशेष ध्यान
बारिश में सबसे पहले खान पान पर ध्यान देना आवश्यक है। इस मौसम में खाद्य पदार्थ जल्दी खराब होते हैं, मच्छर मक्खी सर्वत्र फैलते हैं और डेंगू, मलेरिया, चिकुनगुनिया, टायफायड जैसी बीमारियों का डर होता है। इसलिए बाहर का खाने से बचें, विशेषकर पानी पूरी, जूस, कटे फल जैसी चीजो का सेवन ना करें।
जहां तक हो घर का पका शुद्ध पौष्टिक भोजन ग्रहण करे। बाहर अगर खाना पड़े तो पके हुए गरम खाद्य पदार्थों का सेवन करें।

सफाई पर फोकस करें
इसके अलावा व्यक्तिगत साफ सफाई पे पूरा ध्यान दें। इस मौसम में हवा में अत्याधिक आद्रता होने के कारण गर्मी उमस से पसीना काफी आता है। महिलाओं को अपने हाइजीन पर ध्यान देना चाहिए। सूती के साफ ढीले कपड़े पहने, बहुत तंग कपड़ों से बचे, दिन में दो बार गुनगुने पानी से स्नान करे। इसके अतिरिक्त अपने आस पास की साफ सफाई पे ध्यान दे।

कोरोना में पीएं काढ़ा
अभी कोरोना महामारी के दौर में समस्त परिवार को मास्क हाइजीन, नियमित हैंड वाश, सामाजिक दूरी, ज़रूरी काम से बाहर जाना, जैसी बातों का ध्यान रखना है। घर में आसानी से उपलब्ध मसालों जैसे कि सौंफ, हल्दी, दालचीनी, गुड़, लौंग, अजवायन इत्यादि से बने काढ़े का सेवन भी फायदेमंद होता है।

व्रत में न रहें भूखे
बारिश के दौरान ही अधिकतर व्रत पर्व आते हैं। व्रत में कमजोरी ना लगे इसलिए तरल पदार्थ जैसे पानी, जूस, नींबू पानी, नारियल पानी का सेवन कर सकते हैं। थोड़ी थोड़ी देर में फल, मेवे, मूंगफली, मखाने खा सकते हैं। भूखे पेट तैलीय भोजन से प्राय: कुपच या एसिडिटी हो सकती है। जहां तक हो पौष्टिक फलाहारी चीजों का इस्तेमाल करे जैसे कि लौकी, आलू, शकरकंद इत्यादि से बनी गरमागरम सब्ज़ी और साथ में कूटू या सिंघाड़े के आटे के परांठे। भरपूर पेय पदार्थों और मौसमी फलों के सेवन से ना पानी की कमी होगी ना कमजोरी लगेगी।

डॉक्टर से लें सलाह
तमाम सावधानियों के बावजूद कुछ चिंताजनक तकलीफ हो तो नजरअंदाज ना करे और तुरंत स्पेशलिस्ट डॉक्टर की सलाह से ही इलाज लें। अगर आपको तेज ठंड लग के बुखार आए, सर्दी, खांसी, पेशाब में जलन, पेट दर्द, या और कोई तकलीफ हो तो चिकित्सक का परामर्श ले और चिकित्सक के परामर्श से ही दवा का सेवन करें। इस महामारी के समय में हमें ना सिर्फ अपना, परन्तु अपने परिवार और आस पास के लोगों का भी ध्यान रखना है।

Published on:
24 Jul 2020 02:02 pm
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