जगदलपुर

Jagdalpur News: 3 करोड़ के गबन में दूसरी गिरफ्तारी, और कौन आएगा जांच के घेरे में? सामने आ सकते हैं कई और नाम!

Financial Irregularities: जगदलपुर में कर्मचारी कल्याण साख समिति के करीब 3 करोड़ रुपये के गबन मामले में दूसरी गिरफ्तारी हुई है। पुलिस की जांच जारी है और कई अन्य नाम सामने आने की संभावना है।
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Aug 17, 2026
Jagdalpur Scam News
5वीं वाहिनी में 3 करोड़ की हेराफेरी का मामला (photo source- Patrika)

Jagdalpur News: जगदलपुर जिले के कंगोली स्थित 5वीं वाहिनी सशस्त्र बल की कर्मचारी कल्याण साख समिति में करीब 3 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता और कथित गबन के बहुचर्चित मामले में पुलिस की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। मामले में परपा पुलिस ने वित्तीय मामलों से जुड़े प्रधान आरक्षक संजय चौहान को पूछताछ के बाद संदिग्ध भूमिका पाए जाने पर गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। इससे पहले 29 जुलाई को समिति के अध्यक्ष एवं प्रधान आरक्षक शिवकांत तिवारी को गिरफ्तार किया गया था। संजय चौहान की गिरफ्तारी के बाद मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या दो हो गई है।

मामले में और गिरफ्तारियां संभव

इस पूरा मामला एक संगठित अपराध के रूप में सामने आ रहा है। माना जा रहा है कि दो गिरफ्तारियों के बाद इस पूरे केस में अब कुछ और कर्मियों की गिरफ्तारी हो सकती है। बस्तर पुलिस लगातार इस मामले में काम कर रही है। जांच में जिनकी भी संदिग्ध भूमिका दिख रही है उनसे कड़ी पूछताछ भी हो रही है। सूत्र बताते हैं कि तीन करोड़ का यह गबन मामला अब समय के साथ बड़ा रूप लेता जा रहा है।

लोन खातों और जमा राशि में हेराफेरी का आरोप

बस्तर एसपी शलभ कुमार सिन्हा के मुताबिक, 5वीं वाहिनी कर्मचारी कल्याण साख समिति में वर्ष 2012 से 2021 के बीच लोन खातों और जमा राशि में कथित हेराफेरी किए जाने की शिकायत परपा थाने में दर्ज की गई थी। शिकायत में फर्जी दस्तावेजों के जरिए करीब 3 करोड़ रुपये की राशि के गबन का आरोप लगाया गया है। प्रारंभिक जांच में समिति के तत्कालीन अध्यक्ष शिवकांत तिवारी की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया था।

पूछताछ के बाद संजय चौहान पर कसा शिकंजा

मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस ने समिति में अध्यक्ष के सहायक रहे प्रधान आरक्षक संजय चौहान से भी पूछताछ की। पूछताछ और जांच में उनकी भूमिका संदिग्ध पाए जाने के बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया। पुलिस अब समिति से जुड़े वित्तीय लेन-देन, लोन खातों, जमा राशि और दस्तावेजों की भी जांच कर रही है।

जरूरी पड़ी तो गिरफ्तारियां भी बढ़ेंगी: एसपी

एसपी शलभ कुमार सिन्हा ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है। अब तक दो आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच के दौरान यदि अन्य कर्मचारियों या संबंधित लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर आगे गिरफ्तारियां भी की जा सकती हैं।

Updated on:
17 Aug 2026 02:44 pm
Published on:
17 Aug 2026 02:44 pm