जगदलपुर

CG News: जगदलपुर बीईओ पर गिरी गाज, इस मामले में कलेक्टर ने थमाया नोटिस

CG News: निलंबन अवधि में मानसिंह भारद्वाज का मुख्यालय डीईओ कार्यालय जगदगलपुर होगा। निलंबन अवधि में उन्हें जीवन निर्वाह भत्त मिलेगा।
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जगदलपुर बीईओ पर गिरी गाज (Photo source- Patrika)
जगदलपुर बीईओ पर गिरी गाज (Photo source- Patrika)

CG News: युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया इन दिनों जिले में तेजी से पूरी की जा रही है। शिक्षकों की काउंसलिंग से लेकर अन्य कार्रवाई निपटाई जा रही है। इस बीच प्रक्रिया से जुड़ी गलत जानकारी देना जगदलपुर बीईओ मानसिंह भारद्वाज को भारी पड़ गया। उन्हें शुक्रवार को कमिश्नर डोमन सिंह के अनुमोदन के बाद प्रभारी कलेक्टर प्रतीक जैन ने निलंबित कर दिया है।

CG News: युक्तियुक्तकरण की कार्रवाई प्रक्रियाधीन

कई सालों से पद पर बने रहे भारद्वाज पर यह बड़ी कार्रवाई है। निलंबन आदेश में कहा गया है कि राज्य शासन के निर्देश पर जिले में युक्तियुक्तकरण की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। इसमें बीईओ मानसिंह भारद्वाज युक्तियुक्तकरण के लिए विसंगतिपूर्ण जानकारी जिला स्तरीय समिति को प्रस्तुत की। जिसके तहत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नगरनार में पदस्थ कनिष्ठ शिक्षक को वरिष्ठ और वरिष्ठ शिक्षक को कनिष्ठ मानते हुए जानकारी दी गई।

साथ ही सेजेस उच्चतर माध्यमिक विद्यालय विवेकानंद जगदलपुर हिन्दी माध्यम ई संवर्ग की शाला है, जिसे टी संवर्ग और ई संवर्ग दोनों में रिक्त पद होना बताया गया। वहीं युक्तियुक्तकरण से संबंधित विकासखण्ड स्तरीय जानकारी में वरिष्ठता निर्धारण में अत्यधिक त्रुटिपूर्ण जानकारी प्रस्तुत की गई।

इसके साथ ही युक्तियुक्तकरण के लिए स्वीकृत और रिक्त पदों की विसंगति पूर्ण जानकारी जिला स्तरीय समिति को प्रस्तुत की गई। इस कृत्य को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के विपरीत मानते हुए कार्रवाई की गई है। निलंबन अवधि में मानसिंह भारद्वाज का मुख्यालय डीईओ कार्यालय जगदगलपुर होगा। निलंबन अवधि में उन्हें जीवन निर्वाह भत्त मिलेगा।

प्रक्रिया सिर्फ कमाई का ज़रिया: चौधरी

CG News: शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए नगर निगम जगदलपुर के नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी ने इसे कमाई का जरिया बताया है। उन्होंने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता से कोसों दूर है और इसमें राजनीतिक दबाव, पक्षपात और धन वसूली की बू साफ़ नजर आ रही है।

चौधरी ने कहा कि जिन शिक्षकों को विद्यालय की जरूरतों और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार स्थानांतरित किया जाना चाहिए था, उन्हें बिना किसी तर्क और जरूरत के दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में भेजा जा रहा है, खासकर महिला शिक्षकों को। इससे शिक्षकों में भारी असंतोष है और छात्रों की पढ़ाई पर भी नकारात्मक असर पड़ेगा।

Published on:
07 Jun 2025 12:12 pm