
Chitrakot Festival: महाशिवरात्रि(Mahashivratri)के अवसर पर चित्रकोट में चित्रकोट महोत्सव (Chitrakot Festival) का आयोजन किया गया है । इस आयोजन में सांस्कृितिक प्रस्तुतियां होंगी। यहां पर विभिन्न सरकारी विभागों ने अपने कार्यों का स्टाल लगाया है। इन स्टाल का निरीक्षण अतिथियों ने किया। इस आयोजन में मुख्य अतिथि के तौर पर प्रभारी मंत्री कवासी लखमा(Minister Kawasi Lakhma), सांसद दीपक बैज, विधायक राजमन बेंजाम, इंद्रावती विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष राजीव शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि पहुंचे थे। इस आयोजन में दर्शको की कमी पर चर्चा होती रही।
एशिया का नियाग्रा कहे जाने वाले बस्तर के चित्रकोट जलप्रपात(Chitrakot Waterfall) के तट पर महाशिवरात्रि के अवसर पर चित्रकोट महोत्सव का आयोजन किया गया है। मंगलवार की रात को इस तीन दिवसीय महोत्सव (Chitrakot Festival) का शुभारंभ किया गया। इस महोत्सव के पहले दिन बस्तर के लोक नाचा दल ने अपनी शानदार और मनमोहक प्रस्तुति दी। इस दौरान छत्तीसगढ़ के आबकारी मंत्री कवासी लखमा भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि, इस महोत्सव (Chitrakot Festival) में एक मंच पर नाच-गान से लेकर खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है। बस्तर के टैलेंट को निखारने का यह सुनहरा मंच है।
खेलों का भी आयोजन
जानकारी के लिए आपको बता दें कि 14 से 16 फरवरी के बीच इन तीन दिनों तक चित्रकोट महोत्सव का आयोजन किया गया है। इस चित्रकोट महोत्सव(Chitrakot Festival) में पूरे बस्तर संभाग के कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे। इसके अलावा महोत्सव में कई तरह के खेलों का भी आयोजन किया गया है। इस खले प्रतियोगिता में पूरे बस्तर संभाग के सैकड़ों खिलाड़ियों ने भाग लिया है।
चित्रकोट जलप्रपात की वजह से देश विदेश में बस्तर की पहचान
इस दौरान महोत्सव(Chitrakot Festival) में पहुंचे आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने कहा कि चित्रकोट और बस्तर एक दूसरे के पर्याय बन गए हैं। देश-विदेश में लोग बस्तर को चित्रकोट जलप्रपात की वजह से पहचानते हैं। चित्रकोट में आयोजित किया गया यह महोत्सव बस्तर की जनजातीय संस्कृति को विश्व स्तर पर पहुंचाने का एक बहुत ही अच्छा अवसर है।