
मेगा ब्लॉक की वजह से बिखरा पर्यटन कारोबार (Photo Source- Patrika)
Chhattisgarh Tourism: बस्तर दशहरा के दौरान हर साल हजारों सैलानियों से गुलजार रहने वाला बस्तर इस बार रेल सेवाओं के बाधित होने से पर्यटकों की राह देख रहा है। लैंड स्लाइड और रेल मार्ग पर मेगा ब्लॉक के चलते बंगाल, ओडिशा और आंध्रप्रदेश से जगदलपुर पहुंचने वाली ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित है। इसका सीधा असर बस्तर के पर्यटन कारोबार पर पड़ रहा है। पर्यटन के सबसे अहम सीजन में पर्यटकों की आमद घटने से होटल, होम स्टे और पर्यटन से जुड़ी दूसरी गतिविधियों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है।
होटल एसोसिएशन के अनुसार, ट्रेन सेवाएं बाधित होने के कारण पर्यटक अपनी यात्रा रद्द कर रहे हैं और पहले से कराई गई होटल बुकिंग भी कैंसिल हो रही हैं। बस्तर दशहरा के दस दिवसीय सीजन में करोड़ों रुपए के कारोबार पर असर पड़ने का अनुमान है। स्थानीय कारोबारियों के लिए यह स्थिति इसलिए भी चिंता बढ़ाने वाली है, क्योंकि दशहरा के दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में पर्यटक बस्तर पहुंचते हैं। इनमें बंगाल और ओडिशा से आने वाले सैलानियों की संख्या अच्छी-खासी रहती है। मेगा ब्लॉक की वजह से बस्तर की इकोनॉमी बुरी तरह प्रभावित हुई है।
रेल मार्ग पर मेगा ब्लॉक के कारण ओडिशा और बंगाल की ओर से आने वाली ट्रेनें फिलहाल कोरापुट तक ही पहुंच रही हैं। ऐसे में यदि कोरापुट से जगदलपुर तक परमिट फ्री बसों की सुविधा उपलब्ध करा दी जाए, तो पर्यटक सड़क मार्ग से आसानी से बस्तर पहुंच सकते हैं। होटल एसोसिएशन ने इस संबंध में पहल करने की मांग की है। कारोबारियों का कहना है कि स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग समन्वय बनाकर वैकल्पिक परिवहन की व्यवस्था करें, तो पर्यटन व्यवसाय को कुछ राहत मिल सकती है।
सबसे बड़ी चिंता यह है कि रेल सेवा सामान्य होने तक बस्तर दशहरा का प्रमुख पर्यटन सीजन समाप्त हो जाएगा। यानी जब तक ट्रेनों की आवाजाही बहाल होगी, तब तक बड़ी संख्या में पर्यटकों के आने का अवसर निकल चुका होगा। इसका असर केवल होटलों तक सीमित नहीं है, बल्कि होम स्टे संचालकों, स्थानीय वाहन चालकों, गाइड और पर्यटन से जुड़े छोटे कारोबारियों की आय पर भी पड़ रहा है। ऐसे में समय रहते वैकल्पिक व्यवस्था करना जरूरी है, ताकि बस्तर के पर्यटन कारोबार को इस सीजन में होने वाले नुकसान से बचाया जा सके।
बस्तर दशहरा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि बस्तर की पहचान और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। हजारों सैलानी बस्तर दशहरा में शामिल होने यहां बआते हैं। ट्रेन कैंसिल होने के बाद अब बड़े पैमाने पर होटलों की बुकिंग कैंसिल की जा रही है। हम प्रशासन से मांग करते हैं कि पर्यटकों की सुविधा के लिए जल्द वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कोरापुट से परमिट फ्री बसें चलाएं— जतिन जायसवाल, होटल एसो. अध्यक्ष
Updated on:
14 Oct 2026 12:06 pm
Published on:
14 Oct 2026 12:06 pm
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