dhaan kharidi: धान खरीदी में गड़बड़ी रोकने के लिए सरकार ने किसानों से रकबा समर्पित कराया। जिसमें सरकार ने 214 करोड़ रुपए बचा लिए।
dhaan kharidi: बस्तर संभाग के 50 हजार 267 किसानों ने 32875 एकड़ रकबा समर्पण करते हुए शासन के 214 करोड़ रुपए का बचत किया है। जिसमें सबसे अधिक कांकेर जिले, दूसरे नंबर पर कोण्डागांव और तीसरे नंबर पर बस्तर जिला है। रकबा समर्पण से अब बिचौलिये अवैध धान केन्द्र में खपाने नहीं सकेंगे, वहीं दूसरी तरफ सरकार को भी फायदा होगा।
दरअसल किसानों के पंजीकृत रकबा में बिचौलियो के द्वारा विगत वर्षों में अवैध धान खपाने के कई मामलें सामने आते रहे हैं। इससे सबक लेते हुए इस साल राज्य सरकार ने अवैध धान खरीदी पर रोक लगाने के लिए किसानों से धान खरीदी के दौरान अतिरिक्त रकबा समर्पित करवाने के लिए जागरुक किया जा रहा था।
किसान भी चाहते थे, कि उनके रकबे का इस्तेमाल किसी तरह से अवैध धान खपाने के लिए नहीं किया जाए। इसके चलते इस साल बड़ी संख्या में किसानों ने रकबा समर्पित किया। जिसमें से कांकेर जिला में सर्वाधिक 23288 किसान, कोण्डागांव में 15391 किसान और बस्तर जिले में 10068 किसान शामिल हैं।
संभाग के अन्य जिलों को मिलाकर 50 हजार, 267 किसानों के द्वारा रकबा समर्पित किया गया है। गौरतलब है कि सरकार के द्वारा प्रति एकड़ में 21 क्विंटल धान खरीदी का प्रावधान है, वहीं प्रति क्विंटल 3100 रुपए के हिसाब से 32875 एकड़ रकबा समर्पित करने पर सरकार को 214 करोड़ रुपए की बचत हुई है।
dhaan kharidi: राज्य सरकार के मुताबिक 31 जनवरी तक धान खरीदी अंतिम तिथि हैं। ऐसे में किसानों के पास अब केवल 8 दिन का ही समय शेष रह गया है, क्योंकि 26 जनवरी और रविवार को अवकाश के चलते खरीदी बंद रहेगी। जानकारी के मुताबिक अब तक 47 हजार 473 किसानों ने अब तक धान नहीं बेच सके हैं। जिनके पास अब काफी कम समय रह गया है।
गौरतलब है कि संभाग में 2 लाख 65 हजार 473 किसानों ने धान पंजीयन व बेचने के लिए पंजीयन करवाया था। वहीं अब तक 2 लाख 18 हजार किसानों ने धान बेचा है। समितियों के मुताबिक पंजीकृत किसान बस्तर में 53062, बीजापुर में 20620, दंतेवाड़ा में 16098, कांकेर में 104993, कोण्डागांव में 55271, नारायणपुर में 7325 और सुकमा में 8104 शामिल हैं।