Grah-Nakshatra and rashi: प्रेम के कारक शुक्र, गुरु देव बृहस्पति के साथ मिलकर कई लोगों की जिंदगी में सुख समृद्धि का कारण बनने वाला है।
Grah-Nakshatra and Rashi: देवताओं के गुरु ग्रह बृहस्पति इन दिनों वृषभ राशि में विराजमान है और दैत्यों के गुरू शुक्र ग्रह आज 19 मई के दिन कई वर्षों बाद वृषभ राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं। रविवार की सुबह 8.30 बजे शुक्र ग्रह के वृषभ राशि में प्रवेश करते ही वहां पहले से मौजूद बृहस्पति ग्रह दोनों का वर्षों बाद मिलन होगा । दोनों ग्रह के मिलन से जन जीवन में अनुकूल प्रभाव पड़ने वाला है और सुख समृद्धि का कारक बनेगी।
पंडित दिनेश दास ने बताया कि शुक्र और गुरू का मिलन इस वर्ष के मानसून को अनुकूल बनाने में सहयोग कर रहा है। शुक्र नव निर्माण और धन वैभव बढ़ाने का कारक है ऐसे में देश के भीतर मानसून के अच्छे होने का प्रबल योग बन रहा है। इस योग से पृथ्वी में धन धान्य का वृद्धि होगी जो लोगों के सुख समृद्धि का कारक बनने वाली है।
इस मिलन के दौरान देवगुरू बृहस्पति और सूर्य से त्रिग्रही योग का निर्माण होने जा रहा है। ऐसे में गुरू और शुक्र की यूति से सुख समृद्धि बढ़ेगी और मौसम अनुकूल होने के साथ साथ अंधी, तूफान सहित बरसात के योग बनेंगे। इससे जन जीवन में बदलाव सहित कई नये अवसर बनेंगे।
ज्योतिष पंडित दिनेश दास ने बताया कि देव गुरु बृहस्पति को बलवान ग्रह कहा जाता है जो इस समय देव गुरु बृहस्पति वृषभ राशि में विराजमान हैं, हाल ही में गुरु ने मेष राशि से वृषभ राशि में प्रवेश किया था। और उसके बाद वृषभ राशि में गुरु अस्त अवस्था में चल रहे है। जबकि शुक्र ग्रह को प्रेम और विलासता से परिपूर्ण धन, वैभाव, प्रेम, सौंदर्य, विवाह के कारक माना जाता है। शुक्र ग्रह 19 मई रविवार को वृषभ राशि में प्रवेश करेंगे. जो 12 जून तक वृषभ राशि में रहेंगे। प्रेम के कारक शुक्र, गुरु देव बृहस्पति के साथ मिलकर कई लोगों की जिंदगी में सुख समृद्धि का कारण बनने वाला है।