
Akshaya Tritiya 2024 Muhurat: हिन्दूओं के प्रमुख त्योहार अक्षय तृतीया आज मनाया जा रहा है। ग्रहों और नक्षत्रों के खास संयोग के कारण इस बार की अक्षय तृतीया बेहद फलदायी मानी जा रही है। हालांकि इस बार अक्षय तृतीया के दिन 24 वर्षों बाद शहनाई की गूंज सुनाई नहीं देगी। शादी जैसे मांगलिक कार्यक्रम के लिये शुक्र और गुरू का होना आवश्यक है यही वजह है कि शुक्र और गुरू का अस्त होने के कारण इस दिन शादी विवाह नहीं हो सकेंगे। अक्षय तृतीया शुक्रवार के दिन रोहिणी नक्षत्र में पड़ रही है। गुरु और शुक्र के अस्त होने के बावजूद इस बार की अक्षय तृतीया बेहद महत्वपूर्ण और फलदायक है और यह लोगों के जीवन पर समृद्धि लायेगी।
इस वर्ष अक्षय तृतीया के दिन गजकेसरी योग के अलावा रवि योग, धन योग, शुक्रादित्य योग, शश योग का शुभ संयोग भी बन रहा है। शु्क्रवार को पड़ने वाले अक्षय तृतीया के दिन सूर्य और चंद्रमा दोनों ही उच्च अवस्था में रहेंगे। चंद्रमा वृषभ राशि में रहेगा जबकि सूर्य मेष राशि में होगी। इस बार के पर्व के दिन नंदा-भद्रा और जया तिथियों का भी खास संयोग बना रहा है यही कारण है कि यह खास संयोग किसी भी कार्य में शुभ फलदायक माना गया है।
पंडित दिनेश दास के मुताबिक इस दिन आभूषण खरीदना बेहद शुभ माना जाता है. वैसे तो स्वर्ण आभूषण का ज्यादा महत्व है लेकिन चांदी या किसी दूसरी धातु के आभूषण भी खरीदे जा सकते हैं। इस पवित्र दिन किसी भी तरह के गलत काम करने या फिर किसी का दिल दुखाने से बचना चाहिए।
अक्षय तृतीया पर शुभ और मंगल कार्य करना उत्तम फलदायी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अक्षय तृतीया के दिन जो भी दान पुण्य या शुभ कार्य किए जाते हैं उनका दोगुना शुभ फल व्यक्ति को मिलता है। ऐसा कहा जाता है कि अक्षय तृतीया पर कई पौराणिक घटनाएं हुई थी। अक्षय तृतीया के दिन महाभारत युद्ध की समाप्ति हुई थी और परशुराम, नारायण, हयग्रीव का प्राकट्य हुआ था।
Updated on:
10 May 2024 11:18 am
Published on:
10 May 2024 11:18 am
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