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Food Safety Department: स्कूल के बाहर चिप्स-नमकीन की दुकानों पर बच्चों की भीड़, खाद्य सुरक्षा जांच पर उठे सवाल

Fake Brand Packaging: छत्तीसगढ़ के शहरी और ग्रामीण बाजारों में कम कीमत, आकर्षक पैकिंग और गिफ्ट के लालच से बच्चों को चिप्स-नमकीन की ओर आकर्षित किया जा रहा है।
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जगदलपुर

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Laxmi Vishwakarma

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Updated: 28 Oct 2026, 1:01 PM IST

Food Safety Department

बड़े ब्रांड जैसी पैकिंग से बच्चों को लुभाने की कोशिश (Photo Source- Patrika)

Food Safety Department: स्कूल की छुट्टी होते ही बाहर की दुकानों पर बच्चों की भीड़ जुट जाती है। किसी के हाथ में चिप्स का पैकेट है तो कोई नमकीन और कुरकुरे खरीद रहा है। रंगीन पैकिंग, चटख स्वाद और कम कीमत बच्चों को आकर्षित कर रही है, लेकिन इन उत्पादों की गुणवत्ता और सुरक्षित निर्माण को लेकर गंभीर सवाल भी खड़े हो रहे हैं।

Food Quality Standards: खाद्य उत्पाद बेचे जाने की लगातार आ रही हैं शिकायतें

शहर के बाहरी इलाकों से लेकर आसपास के ग्रामीण बाजारों तक बड़े ब्रांड से मिलते-जुलते नाम और आकर्षक पैकिंग वाले चिप्स, नमकीन, ब्रेड सहित अन्य खाद्य उत्पाद बेचे जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। कुछ पैकेटों में बच्चों को लुभाने के लिए छोटे खिलौने और गिफ्ट भी रखे जा रहे हैं। हालांकि, केवल कम कीमत या मिलते-जुलते नाम के आधार पर किसी उत्पाद को नकली या असुरक्षित नहीं कहा जा सकता, लेकिन पैकेट पर निर्माता की जानकारी, खाद्य सुरक्षा लाइसेंस, सामग्री, निर्माण तिथि और अन्य जरूरी विवरणों की जांच बेहद जरूरी है।

बड़े ब्रांड से मिलते-जुलते नाम, ग्राहक भ्रमित

छोटे कस्बों और ग्रामीण बाजारों में आकर्षक पैकिंग वाले कई स्थानीय उत्पाद ग्राहकों का ध्यान खींचते हैं। पैकेट के रंग, डिजाइन और नाम बड़े ब्रांड से मिलते-जुलते होने पर ग्राहक भ्रमित हो सकते हैं। कम कीमत के कारण खासकर बच्चे और कम बजट वाले परिवार इन्हें आसानी से खरीद लेते हैं। ऐसे उत्पादों के निर्माण, पैकेजिंग, भंडारण और बिक्री की नियमित जांच जरूरी है, ताकि खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जा सके।

चिप्स के साथ गिफ्ट का लालच

स्कूलों के आसपास की दुकानों पर चिप्स और नमकीन के पैकेट बच्चों के बीच खासे लोकप्रिय हैं। कुछ पैकेटों में छोटे खिलौने और गिफ्ट रखकर बिक्री बढ़ाने की कोशिश की जाती है। बच्चे कई बार खाद्य सामग्री की गुणवत्ता या पैकेट पर दर्ज जानकारी देखे बिना ही गिफ्ट के आकर्षण में खरीदारी कर लेते हैं।

नियमित जांच से ही सामने आएगी वास्तविक स्थिति

खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए छोटी निर्माण इकाइयों, दुकानों और ग्रामीण बाजारों में नियमित निरीक्षण जरूरी है। संदेहास्पद उत्पादों के नमूने लेकर प्रयोगशाला में जांच की जाए तथा पैकेट पर निर्माता, लाइसेंस और अन्य अनिवार्य विवरणों की पड़ताल की जाए। नियमों का उल्लंघन मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।

Fake Brand Packaging: सेहत से समझौता नहीं होना चाहिए

फादर संतोष वर्गीस, प्राचार्य एवं बच्चों के काउंसलर के अनुसार चिप्स, नमकीन और दूसरे पैकेटबंद स्नैक्स बच्चों के बीच काफी लोकप्रिय हैं। आकर्षक पैकिंग, कम कीमत और गिफ्ट का लालच उनकी खरीदारी को प्रभावित करता है। ऐसे में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता पर ध्यान देना जरूरी है। छोटी निर्माण इकाइयों, स्कूलों के आसपास की दुकानों और ग्रामीण बाजारों में नियमित जांच होनी चाहिए, ताकि बच्चों को सुरक्षित खाद्य सामग्री मिल सके।