
दूध-दही और मक्खन में मिलावट पर सरकार सख्त (photo source- Patrika)
Dairy Product Adulteration: छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं। उन्होंने साफ कहा कि सरकार सिर्फ एनालॉग पनीर ही नहीं, बल्कि दूध, दही, मक्खन समेत सभी खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों पर लगातार कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। मीडिया से चर्चा के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने खाद्य सुरक्षा, मेडिकल छात्रों के स्टाइपेंड, कांग्रेस के 2028 चुनावी दावे और रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के विस्तार सहित कई मुद्दों पर अपनी बात रखी।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि खाद्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। एनालॉग पनीर के खिलाफ चल रही कार्रवाई के साथ-साथ अब दूध, दही, मक्खन और अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों पर भी नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा, "हम केवल एनालॉग पनीर तक सीमित नहीं हैं। खाने-पीने की हर चीज में मिलावट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। ऐसे लोगों को हम छोड़ेंगे नहीं।"
रायपुर रेलवे स्टेशन पर 500 किलो संदिग्ध पनीर जब्त होने के मामले में अब तक कार्रवाई नहीं होने के सवाल पर मंत्री ने कहा कि रेलवे परिसर से जुड़े मामलों में अधिकार क्षेत्र की वजह से विभाग को कुछ व्यावहारिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि रेलवे परिसर में किसी भी घटना या कार्रवाई का अधिकार रेलवे प्रशासन के पास होता है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि इससे कार्रवाई प्रभावित नहीं होगी। मंत्री ने कहा, "वे काम करने में डाल-डाल हैं, तो हम पाट-पाट हैं। हम लगातार कार्रवाई करते रहेंगे।"
मेडिकल कॉलेज के छात्रों द्वारा स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर किए जा रहे प्रदर्शन पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का अधिकार है। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर छात्रों से उनकी मुलाकात हो चुकी है और मुख्यमंत्री से भी चर्चा की गई है। सरकार इस विषय पर गंभीरता से विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों पर उचित स्तर पर फैसला लिया जाएगा।
साल 2028 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत के दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए श्याम बिहारी जायसवाल ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के भीतर ही एकजुटता नहीं है और पार्टी केवल दावे करने तक सीमित है। मंत्री ने कहा, "कांग्रेस नेताओं के एक पॉकेट में पेट्रोल और दूसरे में माचिस है। पंजाब में कांग्रेस के नेताओं के बीच घमासान चल रहा है। कांग्रेस कभी एक होकर काम नहीं कर सकती। कांग्रेस सिर्फ प्लान बनाती है, एक्शन नहीं कर सकती। अपने मन को तसल्ली देने के लिए ऐसे दावे करती रहती है।"
रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के विस्तार को लेकर सांसद बृजमोहन अग्रवाल द्वारा मुख्यमंत्री और गृहमंत्री को लिखे गए पत्र पर भी स्वास्थ्य मंत्री ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बृजमोहन अग्रवाल वरिष्ठ नेता और सांसद हैं। राजधानी की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता जताना उनका दायित्व है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि का कर्तव्य जनता से जुड़े मुद्दों को सरकार के सामने रखना होता है। कांग्रेस द्वारा इस मुद्दे पर की जा रही टिप्पणी पर पलटवार करते हुए मंत्री ने कहा कि कांग्रेस को भ्रम छोड़कर जनप्रतिनिधियों की भूमिका को समझना चाहिए और इस मामले में बृजमोहन अग्रवाल से सीख लेनी चाहिए।
स्वास्थ्य मंत्री के बयान से साफ है कि राज्य सरकार खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ अभियान को और तेज करने की तैयारी में है। साथ ही मेडिकल छात्रों की मांगों पर विचार, राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था और राजनीतिक मुद्दों पर भी सरकार अपनी सक्रियता बनाए हुए है।
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Updated on:
6 Aug 2026, 12:30 PM IST
Published on:
6 Aug 2026, 12:30 PM IST
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