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कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल की जमानत अर्जी खारिज, कोयला और शराब घोटाले में न्यायिक रिमांड बढ़ी

Chhattisgarh Coal Scam Case: कोयला और शराब घोटाले में कांग्रेस कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को कोर्ट से राहत नहीं मिली। विशेष अदालत ने जमानत याचिका खारिज करते हुए कोयला मामले में 14 अगस्त और शराब घोटाले में 19 अगस्त तक न्यायिक रिमांड बढ़ा दी।
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Ramgopal Agrawal Bail Rejected

कोर्ट ने रामगोपाल अग्रवाल की जमानत याचिका खारिज की (photo source- Patrika)

Ramgopal Agrawal Bail Rejected: कथित कोयला और शराब घोटाले में गिरफ्तार कांग्रेस के प्रदेश कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को फिलहाल कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है। विशेष न्यायालय ने दोनों मामलों में उनकी न्यायिक रिमांड बढ़ाने के साथ ही जमानत आवेदन भी खारिज कर दिया है। अदालत के आदेश के अनुसार कोयला घोटाले में उनकी न्यायिक रिमांड 14 अगस्त तक और शराब घोटाले में 19 अगस्त तक बढ़ा दी गई है।

EOW Investigation: EOW ने जांच का हवाला देकर मांगी रिमांड बढ़ाने की मांग

आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने बुधवार को विशेष न्यायाधीश के समक्ष दोनों मामलों में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि मामले की जांच अभी जारी है। जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण तथ्यों की पुष्टि की जानी है, इसलिए आरोपी की न्यायिक रिमांड बढ़ाना आवश्यक है। EOW ने अदालत से अनुरोध किया कि जांच प्रभावित न हो, इसके लिए रिमांड अवधि बढ़ाई जाए। अदालत ने EOW की दलीलों को सुनने के बाद कोयला और शराब दोनों मामलों में रामगोपाल अग्रवाल की न्यायिक रिमांड बढ़ाने का आदेश जारी कर दिया।

बचाव पक्ष ने कहा- साजिश के तहत फंसाया गया

रामगोपाल अग्रवाल की ओर से अधिवक्ता फैसल रिजवी ने जमानत याचिका पर बहस करते हुए कहा कि उनके मुवक्किल को साजिश के तहत फंसाया गया है। उन्होंने अदालत को बताया कि कोयला और शराब घोटाले की जांच पिछले दो वर्षों से चल रही है और इस दौरान उनके मुवक्किल ने जांच एजेंसी द्वारा भेजे गए नोटिसों का जवाब दिया तथा पूछताछ में भी सहयोग किया। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि स्वास्थ्य संबंधी कारणों से जब वे उपस्थित नहीं हो सके तो इसकी जानकारी भी जांच एजेंसी को दी गई थी। बाद में EOW के नोटिस पर वे स्वयं कार्यालय पहुंचकर सरेंडर हुए थे। ऐसे में उन्हें फरार या जांच में सहयोग नहीं करने वाला नहीं माना जा सकता।

'चालान पहले ही पेश हो चुका, प्रत्यक्ष भूमिका नहीं'

बचाव पक्ष ने अदालत में यह भी दलील दी कि इस मामले में गिरफ्तार अन्य आरोपियों के बयानों के आधार पर ही रामगोपाल अग्रवाल को आरोपी बनाया गया है। जबकि दोनों प्रकरणों में उनकी अनुपस्थिति में पहले ही चालान पेश किया जा चुका है। अधिवक्ता ने दावा किया कि उनके मुवक्किल की इन मामलों में प्रत्यक्ष भूमिका नहीं है और उन्हें अनावश्यक रूप से आरोपी बनाया गया है।

EOW का दावा- डायरी और बयानों से मिले अहम इनपुट

वहीं EOW ने बचाव पक्ष की दलीलों का विरोध करते हुए कहा कि जांच के दौरान कई अहम इनपुट मिले हैं। एजेंसी ने अदालत को बताया कि इस मामले में पहले गिरफ्तार किए गए सूर्यकांत तिवारी के घर से बरामद डायरी में कथित रूप से कांग्रेस भवन में रकम पहुंचाने का उल्लेख मिला है। EOW ने यह भी कहा कि घोटाले में गिरफ्तार अन्य आरोपियों ने पूछताछ के दौरान रामगोपाल अग्रवाल की कथित संलिप्तता के संबंध में जानकारी दी है। इन्हीं तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच जारी है।

Special Court Raipur: कोर्ट ने जमानत आवेदन किया खारिज

दोनों पक्षों की विस्तृत दलीलें सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश ने माना कि मामले की जांच अभी जारी है। इसके बाद अदालत ने रामगोपाल अग्रवाल की जमानत याचिका खारिज करते हुए कोयला और शराब घोटाले में उनकी न्यायिक रिमांड बढ़ाने का आदेश दिया। इस फैसले के बाद फिलहाल कांग्रेस कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को न्यायिक हिरासत में ही रहना होगा, जबकि दोनों मामलों में EOW की जांच आगे भी जारी रहेगी।