
Sawan Festival 2026: धान की बढ़वार 25% तक बेहतर(photo-patrika)
Sawan Festival 2026: छत्तीसगढ़ में सावन की फुहारों ने खेत-खलिहानों की तस्वीर बदल दी है। हरेली तिहार से पहले प्रदेश के अधिकांश इलाकों में धान की फसल लहलहा रही है और खेत हरियाली से भर गए हैं। अनुकूल मौसम और अच्छी बारिश के चलते धान की बढ़वार 20 से 25 प्रतिशत तक बेहतर दर्ज की गई है। इससे किसानों के चेहरों पर खुशी लौट आई है। इन दिनों खेतों में निंदाई-गुड़ाई का कार्य तेजी से चल रहा है और कृषि विशेषज्ञ भी इस मौसम को फसल के लिए बेहद अनुकूल मान रहे हैं।
प्रदेश में इस खरीफ सीजन में करीब 37 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में धान की रोपाई की गई है। अच्छी वर्षा और समय पर पानी मिलने से पौधों का विकास संतोषजनक रहा है। कई जिलों में धान की फसल सामान्य से अधिक तेजी से बढ़ रही है, जिससे इस वर्ष बेहतर उत्पादन की उम्मीद जताई जा रही है।
छत्तीसगढ़ की करीब 70 प्रतिशत आबादी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से खेती-किसानी से जुड़ी हुई है। राज्य की कुल कृषि भूमि के लगभग 67.46 प्रतिशत हिस्से में धान की खेती की जाती है। ऐसे में मानसून की स्थिति सीधे किसानों की आय और प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था को प्रभावित करती है।
मौसम विभाग के अनुसार अब तक प्रदेश में 589.3 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। यह सामान्य से लगभग 7 प्रतिशत कम जरूर है, लेकिन कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि खेती के लिए यह स्थिति अनुकूल बनी हुई है। राज्य के 33 में से 25 जिलों में सामान्य या सामान्य से अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है, जबकि केवल 8 जिलों में बारिश सामान्य से कम रही है।
बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में अब तक 835.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य से 60 प्रतिशत अधिक है। वहीं राजधानी रायपुर में 644.1 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है, जो सामान्य से 17 प्रतिशत ज्यादा है। लगातार अच्छी बारिश से खेतों में नमी बनी हुई है, जिसका सीधा फायदा धान की फसल को मिल रहा है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में मानसून की गतिविधियां और तेज होंगी। प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना है, जिससे धान सहित खरीफ फसलों को और अधिक लाभ मिलेगा। किसानों को खेतों की नियमित देखभाल और जल निकासी की व्यवस्था बनाए रखने की सलाह भी दी गई है।
हरेली तिहार को किसानों का सबसे बड़ा पर्व माना जाता है। इस बार हरेली से पहले खेतों में छाई हरियाली ने किसानों का उत्साह दोगुना कर दिया है। यदि मानसून का यही साथ बना रहा तो इस वर्ष प्रदेश में धान की बंपर पैदावार होने की संभावना जताई जा रही है।
Updated on:
06 Aug 2026 08:50 am
Published on:
06 Aug 2026 08:49 am
