
जगदलपुर. नेशनल हाईवे 30 की हालत का ऐसा नजारा आपने कभी नहीं देखा होगा जोकि एव विधायक द्वारा ऐसा एक काम किया जा रहा है। मतलब साफ है कि रोड बनने में देरी के चलते कोंटा विधायक ने सड़क पर ही धान के पौधे रोपे गए है। और रैली बनाकर चक्काजाम किया।
मुख्य नाका के पास पहुंचे
मिली जानकारी के मुताबिक मंगलवार सुबह 11 बजे कोंटा विधायक अपने समर्थकों के साथ एवं जिला पंचायत अध्यक्ष उनके साथ ही दोरनापाल पहुंचे थे दोनो ने ही रैली की अध्यक्षता करते रैली निकाली और और पैदल चलते हुए रैली के साथ दोरनापाल के मुख्य नाका के पास पहुंचे
किया धान रोपाई
नाका के पास पहुंचते ही सभी समर्थकों के साथ उन्होनें प्रदेश सकार को दोषी ठहराते हुए नारे बाजी करने लगे और बताया कि यह नेशनल हाईवे में गाडिय़ां चलने लायक नहीं है। इसे सरकार ने अभी तक नहीं बनाया है। और कहा कि यहां नेशनल हाईवे नहीं खेत बनाना चाहिए और इतना कहकर धान रोपाई शुरू कर दी है।
किया चक्काजाम
धान रोपाई करने के बाद ही पैदल ही रैली की अध्यक्षता करते हुए अपने समर्थकों के साथ ही दोरनापाल के में चौक पर पहुंचकर अपने समर्थकों के साथ चक्काजाम को अंजाम दिया और अभी तक डटे हुए है।
2009 से इस सड़क का निर्माण कार्य शुरू हुआ
विधायक जी ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा है कि ने कहा कि 2007 में केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्ग 30 के लिए पैसा राज्य सरकार को दिया था। 2009 से इस सड़क का निर्माण कार्य शुरू हुआ जो आज तक मात्र 24 किलोमीटर मिसमा तक ही पूर्ण हो पाया। इस तरफ राज्य सरकार का कोई ध्यान नहीं है। ये नेशनल हाईवे नजर ही नहीं आता इसलिए हमने धान रोपा है।
बारिश के दिनों में तो सड़क की हालत और खराब
जिला मुख्यालय में स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव है इसलिए यहां के लोग तेलगांना आंध्रप्रदेश जाते है। कोंटा से सुकमा आने वालों को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता है। चंद घंटों का सफर तय करने में काफी वक्त लग जाता है। बारिश के दिनों में तो सड़क की हालत और खराब हो जाती है।
अभी तक सर्वे भी नही हुआ है
इसके अलावा भी दोरनापाल से जगरगुंडा के बीच बन रही सड़क शुरुआत में ही उखड़ रही है। ठीक इसी तरह इंजरम से गोरखा के सड़क भी जर्जर हो रही है। वहीं पोलावरम बांध में जिले के कोंटा ब्लॉक के कही गांव डुबान में आएंगे। लेकिन सरकार इसकी कोई चिंता नही है। अभी तक सर्वे भी नही हुआ है। उन्होंने कहा कि इस बांध से दोरला जाति विलुप्त हो जाएगी।