ग्रेजुएट लता सिन्हा गृहणी थीं और काम पूरा हो जाने पर वे अपने बच्चों की पढ़ाई में मदद करतीं। एसपी शलभ सिन्हा बताते हैं कि वे मैकेनिकल इंजिनीयरिंग की नौकरी छोड़ कर यूपीएससी की तैयारी में जुट गए।
Mothers Day 2024: जीवन में मां की भूमिका क्या होती है यह बस्तर के पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा की सफलता की कहानी बताती है। वे बताते हैं कि उनकी मां लता सिन्हा शुरू से ही अपने दोनों बच्चों को अच्छी शिक्षा देकर एक अच्छे मुकाम पर पहुंचाना चाहती थीं। ग्रेजुएट लता सिन्हा गृहणी थीं और काम पूरा हो जाने पर वे अपने बच्चों की पढ़ाई में मदद करतीं। एसपी शलभ सिन्हा बताते हैं कि वे मैकेनिकल इंजिनीयरिंग की नौकरी छोड़ कर यूपीएससी की तैयारी में जुट गए। तब सबने कहा कि यह निर्णय गलत भी साबित हो सकता है। पर मां ही थी जो उनके फैसले के साथ थी।
पहले प्रयास में असफलता मिली तो लगा आगे क्या होगा, लेकिन तब भी मां ने हौसला बढ़ाया। यही कारण है कि अपने दूसरे प्रयास में मैं यूपीएससी अच्छे रैंक के साथ क्लियर कर पाया। आज मैं उनकी वजह से ही आईपीएस हूं। आज भी मां मेरे हर फैसले मेरी प्रेरणा बनती हैं। उनका साथ बेहद खास है। वहीं दूसरे बेटे ने आईआईटी कानपूर में सेवा दी और वर्तमान में कैनेडा की प्रतिष्ठित कपनी में कार्यरत हैं। इस तरह एक मां ने अपने दोनों बेटों के लिए जो सपना देखा उसे साकार किया।0000